बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की जानी-मानी हस्ती धीरज कुमार अब हमारे बीच नहीं रहे। मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में मंगलवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। वह निमोनिया से पीड़ित थे और पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। बुधवार सुबह उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए मुंबई स्थित उनके निवास पर रखा गया, जहां उन्हें अंतिम विदाई देने उनके करीबी, रिश्तेदार और कई कलाकार पहुंचे।
भावभीनी विदाई में शामिल हुए कई जाने-माने चेहरे
धीरज कुमार के पार्थिव शरीर को फूलों से सजी एंबुलेंस में उनके घर लाया गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने वालों में टीवी इंडस्ट्री के मशहूर निर्माता असित मोदी (तारक मेहता का उल्टा चश्मा) और वरिष्ठ अभिनेता रज़ा मुराद शामिल थे।
असित मोदी ने कहा:
“धीरज जी का जाना टीवी इंडस्ट्री के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने जो योगदान दिया है, वह कभी भुलाया नहीं जा सकता।”
रज़ा मुराद ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा:
“धीरज जी ने केवल शोहरत नहीं, बल्कि सम्मान भी कमाया। वो अपने वादों के पक्के थे।”
फिल्मों से लेकर धार्मिक धारावाहिकों तक… बहुआयामी योगदान
धीरज कुमार ने 1970 और 80 के दशक में बतौर अभिनेता कई फिल्मों में काम किया और अपनी अलग पहचान बनाई। 1981 की सुपरहिट फिल्म ‘क्रांति’ में उनकी भूमिका आज भी यादगार है।
लेकिन उनकी असली पहचान तब बनी जब उन्होंने टेलीविज़न की दुनिया में निर्माता-निर्देशक के रूप में कदम रखा।
उनके द्वारा निर्मित ‘ओम नमः शिवाय’, ‘श्री गणेश’, ‘महिमा शनिदेव की’ जैसे धार्मिक शोज़ ने भारतीय टेलीविज़न को नई दिशा दी और लाखों दर्शकों के दिलों में जगह बनाई।
बीमारी बनी जिंदगी की आखिरी लड़ाई
धीरज कुमार को कुछ समय पहले एक्यूट निमोनिया हो गया था। उन्हें कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार की ओर से पहले कहा गया था कि उनकी हालत स्थिर है, लेकिन स्थिति बिगड़ती गई और अंततः उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।
सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि की बाढ़
धीरज कुमार के निधन की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस, सहकर्मी कलाकारों और निर्देशकों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। हर कोई उन्हें एक प्रेरणास्रोत, समर्पित कलाकार और नेक इंसान के रूप में याद कर रहा है।
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