सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अमरावती इनर रिंग रोड मामले में तेलुगु देशम पार्टी सुप्रीमो और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को अग्रिम जमानत देने को चुनौती देने वाली आंध्र प्रदेश सरकार की याचिका खारिज कर दी।
न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्य सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता रंजीत कुमार से कहा, “हम नोटिस नहीं जारी करना चाहते।” पीठ ने इस बात पर गौर किया कि शीर्ष अदालत ने नवंबर 2022 में उसी एफआईआर में अन्य सह-अभियुक्तों को अग्रिम जमानत देने के खिलाफ राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी थी।
हालांकि, शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा की गई टिप्पणियों से जांच प्रभावित नहीं होगी और जांच एजेंसी उच्च न्यायालय के विवादित आदेश में की गई टिप्पणियों से प्रभावित हुए बिना मामले की जांच करने के लिए स्वतंत्र होगी।
इसके अलावा, शीर्ष अदालत ने कहा कि यदि नायडू जांच में सहयोग नहीं करते हैं, तो राज्य सरकार जमानत रद्द करने के लिए आगे बढ़ने के लिए स्वतंत्र होगी।
इससे पहले 10 जनवरी को उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति टी. मल्लिकार्जुन राव की पीठ ने कौशल विकास निगम मामले में गिरफ्तारी के तुरंत बाद अमरावती इनर रिंग रोड मामले में नायडू को अग्रिम जमानत दे दी थी।
– एजेंसी
Business Sandesh Indian Newspaper | Articles | Opinion Pieces | Research Studies | Findings & News | Sandesh News