क्रिकेट में डीआरएस (डिसीजन रिव्यू सिस्टम) बीते कई वर्षों से अंपायर के फैसले की समीक्षा के लिए उपयोग में लाया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के नियमों के अनुसार, खिलाड़ी अंपायर के किसी फैसले को चुनौती देने के लिए DRS का सहारा ले सकते हैं। इस दौरान थर्ड अंपायर वीडियो रीप्ले, बॉल ट्रैकर, हॉकआई, हॉट स्पॉट और पिच मैपिंग जैसी तकनीकों की मदद से फैसला देता है।
जब भी DRS का जिक्र होता है, तो एमएस धोनी का नाम जरूर लिया जाता है, जिन्होंने इसे सबसे सटीक ढंग से इस्तेमाल किया। इतना कि इसे मज़ाक में लोग “धोनी रिव्यू सिस्टम” भी कहने लगे। लेकिन भारतीय तेज गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज इस मामले में बिल्कुल अलग नजर आते हैं।
गावस्कर ने दिया सिराज को नया DRS फुल फॉर्म
लीड्स टेस्ट के तीसरे दिन लंच ब्रेक के दौरान भारतीय दिग्गज सुनील गावस्कर ने मोहम्मद सिराज की डीआरएस को लेकर जल्दबाजी पर मजाकिया अंदाज में तंज कसते हुए DRS को नया नाम दे दिया। उन्होंने कहा, “DRS मतलब धीरज रखो सिराज।”
मोहम्मद सिराज अक्सर अंपायर के किसी भी फैसले से असहमत दिखते हैं और फौरन कप्तान से डीआरएस लेने की मांग करने लगते हैं। उनकी यह आदत कई बार टीम को फायदा देती है, तो कई बार नुकसान भी हो जाता है। लीड्स टेस्ट में भी सिराज कई बार डीआरएस के लिए जोर देते नजर आए।
पुजारा ने भी लिए मजे
गावस्कर के मजाक को आगे बढ़ाते हुए चेतेश्वर पुजारा ने भी सिराज की इस आदत पर हंसी में टिप्पणी की। पुजारा ने कहा, “जब भी बल्लेबाज़ के पैड्स पर गेंद लगती है, सिराज को तो वो हमेशा आउट ही लगता है।”
गावस्कर और पुजारा की यह मजेदार बातें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं और फैंस भी सिराज की इस आदत पर चुटकियां ले रहे हैं।
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