क्या आपने कभी सुना है कि “पेट में घबराहट हो रही है” या “कुछ गड़बड़ लग रही है पेट में”? ये सिर्फ कहावतें नहीं, बल्कि विज्ञान से जुड़ी हकीकत है। हमारे पेट यानी गट (Gut) को अब मेडिकल साइंस में ‘सेकेंड ब्रेन’ कहा जाने लगा है। गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ बताते हैं कि कैसे पेट और दिमाग के बीच गहरा और दोतरफा संबंध होता है।
डॉ. के अनुसार, “गट में लगभग 50 करोड़ न्यूरॉन्स होते हैं, जो सीधे मस्तिष्क से जुड़े होते हैं। इसे Enteric Nervous System (ENS) कहा जाता है, और यही वजह है कि इसे ‘सेकेंड ब्रेन’ कहा जाता है।”
कैसे जुड़ा है Gut और Brain?
Vagus Nerve का रोल:
Vagus नर्व एक लंबी नस है जो पेट और दिमाग को जोड़ती है। इसके ज़रिए गट की जानकारी सीधा ब्रेन तक जाती है और भावनाएं, मूड, स्ट्रेस जैसे अनुभवों को प्रभावित करती है।
गट माइक्रोबायोम का प्रभाव:
हमारी आंतों में रहने वाले लाखों अच्छे बैक्टीरिया (गट माइक्रोबायोम) न केवल पाचन को संभालते हैं, बल्कि सेरोटोनिन, डोपामिन जैसे मूड-बूस्टिंग केमिकल्स के निर्माण में भी मदद करते हैं।
तनाव और पेट की समस्याएं:
जब हम तनाव में होते हैं, तो गट की मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे एसिडिटी, गैस, IBS (Irritable Bowel Syndrome) जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
गट हेल्थ को कैसे रखें दुरुस्त?
फाइबर युक्त आहार लें (फल, सब्जियां, साबुत अनाज)
प्रोबायोटिक फूड (दही, छाछ, अचार) को शामिल करें
अत्यधिक तनाव से बचें
प्रोसेस्ड फूड और चीनी कम करें
पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम करें
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