मॉस्को (एजेंसी/वार्ता): इराक में रूस के राजदूत एलब्रुस कुत्रशेव ने कहा कि अमेरिका और उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) इराक पर कब्जा नहीं कर रहे हैं लेकिन वे देश के आंतरिक मामलों में दखल दे रहे हैं।
कुत्रशेव ने कहा,“इराक में स्थिति बहुत ही अस्पष्ट है। लंबे समय से कोई कब्जा नहीं हुआ है, लेकिन आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप है। इसका उद्देश्य, वाशिंगटन और उसके सहयोगियों की कृपा से अन्य बातों के अलावा, इराक को बाहर के लोगों के साथ सहयोग करने से रोकना है।” इराक में नाटो मिशन आधिकारिक तौर पर जुलाई 2018 में इराकी सुरक्षा बलों को प्रशिक्षित करने के लिए शुरू किया गया था, लेकिन कभी भी उनके साथ युद्ध में भाग नहीं लिया।
गठबंधन ने जनवरी 2020 में बगदाद हवाई अड्डे पर अमेरिकी सेना की ओर से एक अघोषित हमले के बाद इराक में अपने सैन्य प्रशिक्षण मिशन को निलंबित कर दिया था, जिसमें शीर्ष ईरानी जनरल कासिम सोलेमानी की मौत हो गई थी। इराकी सरकार ने यह कहकर प्रतिक्रिया दी कि नाटो के साथ देश के सहयोग को बदलना चाहिए और इराक की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए।
गौरतलब है कि अप्रैल 2020 में नाटो देशों के विदेश मंत्रियों ने इराक में मिशन के विस्तार पर सहमति जताई थी। विशेष रूप से नाटो सहमत हुआ कि नाटो मिशन गैर-कमीशन अधिकारियों, सैपरों और इराकी संघीय पुलिस को प्रशिक्षित करेगा।
-एजेंसी/वार्ता
यह भी पढ़े: शी जिनपिंग की सऊदी अरब यात्रा: चीनी कंपनियों ने 34 निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किये
Business Sandesh Indian Newspaper | Articles | Opinion Pieces | Research Studies | Findings & News | Sandesh News