अब हाई ब्लड प्रेशर सिर्फ बड़ों की बीमारी नहीं रह गई है। बदलती लाइफस्टाइल, मोबाइल की लत और गलत खान-पान की वजह से बच्चों में भी हाइपरटेंशन की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जो न सिर्फ उनकी सेहत बल्कि ब्रेन पावर पर भी बुरा असर डाल सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह भविष्य में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
बच्चों में हाइपरटेंशन क्यों बढ़ रहा है?
1. जंक फूड और ज्यादा नमक
चिप्स, पिज्जा, बर्गर और पैकेज्ड फूड में नमक और फैट की मात्रा ज्यादा होती है, जो बच्चों के ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकती है।
2. फिजिकल एक्टिविटी की कमी
ऑनलाइन क्लास, मोबाइल गेम्स और टीवी के कारण बच्चे घंटों बैठे रहते हैं। शारीरिक गतिविधि की कमी से वजन बढ़ता है और बीपी असंतुलित हो सकता है।
3. ज्यादा स्क्रीन टाइम और मानसिक तनाव
लगातार स्क्रीन देखने से बच्चों का दिमाग थक जाता है, नींद प्रभावित होती है और तनाव बढ़ता है, जो हाइपरटेंशन का बड़ा कारण बनता है।
4. नींद की कमी
पर्याप्त नींद न मिलने से हार्मोनल बैलेंस बिगड़ता है, जिससे ब्लड प्रेशर और ब्रेन फंक्शन दोनों प्रभावित होते हैं।
हाइपरटेंशन का बच्चों की ब्रेन पावर पर असर
हाई बीपी की वजह से दिमाग तक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इससे
- याददाश्त कमजोर होना
- पढ़ाई में ध्यान न लगना
- चिड़चिड़ापन और थकान
- सीखने की क्षमता में कमी
जैसी समस्याएं देखी जा सकती हैं।
बच्चों की ब्रेन पावर कैसे बढ़ाएं?
1. संतुलित और ब्रेन-फ्रेंडली डाइट
बच्चों की डाइट में हरी सब्ज़ियां, फल, ड्राई फ्रूट्स, दूध, दही, अंडा और ओमेगा-3 से भरपूर फूड शामिल करें। नमक और जंक फूड सीमित रखें।
2. रोज़ाना फिजिकल एक्टिविटी
कम से कम 45–60 मिनट आउटडोर खेल, योग या साइक्लिंग बच्चों के लिए जरूरी है। इससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है और दिमाग भी एक्टिव रहता है।
3. स्क्रीन टाइम सीमित करें
मोबाइल और टीवी का समय तय करें। सोने से कम से कम 1 घंटे पहले स्क्रीन से दूरी बनाएं।
4. पूरी नींद लें
बच्चों को उम्र के अनुसार 8–10 घंटे की नींद जरूर मिलनी चाहिए। अच्छी नींद से मेमोरी और कंसन्ट्रेशन बेहतर होता है।
5. माइंड एक्सरसाइज और पॉजिटिव माहौल
पज़ल, शतरंज, कहानी पढ़ना, म्यूज़िक और मेडिटेशन बच्चों की ब्रेन पावर बढ़ाने में मदद करते हैं। घर का माहौल तनाव-मुक्त रखें।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर बच्चे में
- बार-बार सिरदर्द
- थकान
- ध्यान की कमी
- बीपी बार-बार ज्यादा आना
जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह लें।
बच्चों में बढ़ता हाइपरटेंशन एक गंभीर चेतावनी है, जिसे नजरअंदाज करना भविष्य के लिए खतरनाक हो सकता है। सही खान-पान, एक्टिव लाइफस्टाइल और पॉजिटिव माहौल अपनाकर न सिर्फ बच्चों का ब्लड प्रेशर कंट्रोल किया जा सकता है, बल्कि उनकी ब्रेन पावर भी मजबूत की जा सकती है।
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