कांग्रेस ने खुदरा मुद्रास्फीति में एक बार फिर तेजी आने को लेकर बुधवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के पिछले साढ़े नौ वर्षों में जनता को ‘महंगाई की गारंटी’ मिली है।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि महंगाई को नियंत्रित करने में सरकार की विफलता को छिपाने के लिए तरह-तरह के मुद्दे उछाले जा रहे हैं।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, खुदरा मुद्रास्फीति में एक बार फिर तेजी आई है। सब्जी, अनाज समेत खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने से खुदरा मुद्रास्फीति नवंबर में बढ़कर तीन महीने के उच्च स्तर 5.55 प्रतिशत पर पहुंच गयी।
रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”मोदी की गारंटी है महंगाई की गारंटी! भाजपा आजकल प्रधानमंत्री की गारंटी की बात कर रही है। उनकी और गारंटियों का तो पता नहीं, लेकिन एक गारंटी जो देश को पिछले साढ़े 9 वर्षों से मिली हुई है वह है महंगाई की गारंटी।”
उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार की गलत नीतियों के कारण महंगाई पहले ही 45 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है।
रमेश ने कहा, ”ज़रूरी चीज़ों के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं। खाद्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ने के कारण अब खुदरा महंगाई दर 5.5 फीसदी पर पहुंच गई है।”
उन्होंने दावा किया, ”महंगाई को नियंत्रित करने में प्रधानमंत्री पूरी तरह से नाकाम रहे हैं। यह उनकी सरकार की एक ऐसी नाकामी है जिसे छिपाने के लिए वे तरह-तरह के मुद्दे उछालते रहते हैं।”
– एजेंसी
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