मूंगफली को आमतौर पर सस्ती ड्राई फ्रूट के तौर पर खाया जाता है, और ये प्रोटीन, हेल्दी फैट्स और फाइबर का बेहतरीन स्रोत मानी जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत तरीके से खाई गई या लंबे समय तक स्टोर की गई मूंगफली से आपकी सेहत को गंभीर नुकसान भी हो सकता है? ख़ासतौर पर लिवर और किडनी जैसे महत्वपूर्ण अंग इससे प्रभावित हो सकते हैं।
मूंगफली से हो सकने वाली 4 बीमारियां
1. अफ्लाटॉक्सिन टॉक्सिसिटी (Aflatoxin Toxicity)
मूंगफली में अक्सर अफ्लाटॉक्सिन नाम का फंगस पैदा हो जाता है, अगर इसे नमी में या लंबे समय तक सही तरीके से स्टोर न किया गया हो।
यह टॉक्सिन लिवर पर बुरा असर डाल सकता है और लिवर कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है।
2. किडनी फंक्शन पर असर
ज्यादा मात्रा में मूंगफली का सेवन किडनी पर लोड बढ़ा सकता है, खासकर हाइपरयूरिसीमिया या किडनी से जुड़ी पुरानी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को।
इसमें मौजूद कुछ तत्व यूरिक एसिड लेवल को बढ़ा सकते हैं।
3. फूड एलर्जी
कुछ लोगों को मूंगफली से गंभीर एलर्जी हो सकती है।
इसके लक्षण हैं – सांस फूलना, त्वचा पर रैशेज, जी मिचलाना, उल्टी या एनेफिलेक्सिस (Anaphylaxis) जैसी जानलेवा स्थिति।
4. वज़न और हाई कोलेस्ट्रॉल
मूंगफली हेल्दी फैट्स से भरपूर है, लेकिन अधिक मात्रा में इसका सेवन वजन बढ़ा सकता है और कोलेस्ट्रॉल को प्रभावित कर सकता है।
विशेष रूप से भुनी या नमक मिली मूंगफली का ज़्यादा सेवन हानिकारक हो सकता है।
मूंगफली खाने के सुरक्षित तरीके
हमेशा सूखी और ताज़ी मूंगफली ही खाएं।
नमी में रखी मूंगफली से बचें, इसमें फंगस लग सकता है।
सीमित मात्रा (20–30 ग्राम) में रोज़ाना खाना सही है।
एलर्जी वाले लोग इसे पूरी तरह से अवॉइड करें।
बच्चों और बुजुर्गों को सीमित मात्रा में दें।
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