पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार सुबह राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ का औचक दौरा किया और ‘राज्य सरकार को आवंटित केंद्रीय धन के उपयोग’ संबंधी पोस्टर दिखाए।
विपक्ष के नेता ऐसे दिन राज्य सचिवालय पहुंचे जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के सांसद नई दिल्ली में मौजूद थे। इस बीच बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर राज्य की बकाया राशि जारी करने की मांग की।
एक उच्च पदस्थ सूत्र ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता पार्टी के तीन विधायकों के साथ अपराह्न करीब 11 बजकर 40 मिनट पर सचिवालय पहुंचे। उन्होंने राज्य सरकार के किसी भी अधिकारी के साथ मुलाकात के लिए समय नहीं लिया हुआ था।
हालांकि, उन्होंने ‘नबान्न’ में मुख्य सचिव एच. के. द्विवेदी के साथ उनके कार्यालय में कुछ देर बातचीत की।
अधिकारी ने सचिवालय से बाहर आने के बाद संवाददाताओं से कहा,’हम बिना किसी से समय लिए यहां आ गए क्योंकि अगर हमने इसकी सूचना दी होती तो सचिवालय में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलती। ‘नबान्न’ के आसपास दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत सभाओं पर प्रतिबंधात्मक आदेश हैं और क्योंकि हम कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं तो हमारे केवल चार विधायक यहां लोगों को यह बताने आए थे कि यह सरकार उन्हें कैसे वंचित कर रही है।”
एक सूत्र ने बताया कि नेता प्रतिपक्ष को मुख्य सचिव के साथ बैठक से पहले अन्य विधायकों के साथ सचिवालय में आगंतुक कक्ष में इंतजार करते हुए देखा गया। उनके हाथों में पोस्टर थे जिन पर लिखा था, ‘केंद्र द्वारा राज्य को आवंटित राशि किस तरह खर्च की गई।”
कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भाजपा नेताओं के दौरे के तुरंत बाद राज्य सचिवालय और उसके आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई।
– एजेंसी
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