विपक्ष ने अगले वित्त वर्ष के अंतरिम बजट को निराशजनक और अमीरों का बजट बताते हुये कहा है कि इसमें महंगाई तथा बेरोजगारी की समस्या से निपट के लिए कुछ नहीं है।
लोक सभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा गुरुवार काे प्रस्तुत वर्ष 2024-25 के अंतरिम बजट काे निराशाजनक बताते हुये शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने कहा, “ एक तरफ कहा जा रहा है कि 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर लाया गया है और दूसरी तरफ कहा जा रहा है कि 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज दिया जा रहा है। ”
श्रीमती कौर ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि मोदी सरकार ने वादा किया था कि किसानों की आय दुगुनी की जायेगी, लेकिन इस सरकार के 10 साल के कार्यकाल में आज किसानों की हालत क्या हो गयी है, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने सवाल किया ,“ कितने किसानों की आय दुगुनी की गयी है?”
उन्होंने कहा कि बजट में अहंकार नजर आ रहा है। बजट के दौरान यह भी कहा गया,
“ हम जुलाई में बजट पेश करेंगे। आप किसी भी चुनाव को हल्के में नहीं ले सकते। आज आपके पास मौका था कि पिछले 10 सालों में किये गये वादों को पूरा करें न कि जनता को और सपने दिखायें। ”
पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि यह अंतरिम बजट है, असली बजट तो जुलाई में आयेगा। उन्होंने कहा कि उम्मीद करते हैं कि पर्यटन बढ़े, वतन आगे बढ़े, महंगाई कम हो और रोजगार के अवसर बढ़ें।
शिवसेना (उद्धव ठाकरे) की नेता एवं सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने बजट को अमीरों के हितों की रक्षा करने वाला करार देते हुये कहा कि सर्दी के इस मौसम में पूरा ठंडा पानी बिखेर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि आसमान छूती महंगाई के लिये बजट में कुछ नहीं किया गया है। इसमें बेरोजगारों, महिलाओं के लिये कुछ नहीं कहा गया है।
– एजेंसी
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