उर्फी जावेद एक्ट्रेस से सोशल मीडिया सेंसेशन बनीं और फिर पॉपुलैरिटी हासिल हुई. अपने बचपन के पैशन को उर्फी ने अपना करियर बनाया और आज वह दुनियाभर में मशहूर हैं. उर्फी बेखौफ और बोल्ड हैं, यही उन्हें बाकियों से अलग बनाता है. हालांकि, वह हमेशा से ऐसी नहीं थीं. उनका बचपन बहुत दर्द भरा बीता है. पापा के टॉर्चर के बारे में वह कई बार अपना दर्द बयां कर चुकी हैं. एक बार फिर उन्होंने बताया है कि उन्होंने कैसे अपने पिता के टॉर्चर से लेकर करियर बनाने तक का कठिन सफर तय किया है.
हाल ही में, उर्फी जावेद ने ह्यूमंस ऑफ बॉम्बे को अपनी दर्दभरी कहानी बयां की है. उर्फी ने बताया कि कैसे बचपन से ही उनकी फैशन में दिलचस्पी थी. पिता भी हर रोज टॉर्चर करते थे. सुसाइड के भी ख्याल आते थे. उर्फी ने कहा, “मैं लखनऊ में क्रॉप टॉप के ऊपर जैकेट पहनती थी, वहां लड़कियों को इस तरह कपड़े पहनने की परमीशन नहीं थी. पापा अब्यूसिव थे, वह मुझे तब तक मारते थे, जब तक कि मैं होश नहीं खो देती थी. मुझे सुसाइड के ख्याल आते थे.”
उर्फी जावेद ने बताया कि पिता का टॉर्चर से ऊबकर वह 17 साल की उम्र में घर से भागकर दिल्ली आ गई थीं. एक्ट्रेस ने कहा, “मैं बिना पैसे ही घर से भाग गई. मैं ट्यूशन लेती थी और कॉल सेंटर में जॉब भी करती थी. इस बीच पिता ने हमारी फैमिली को भी त्याग दिया. मैं अपनी मां से मिली. मैं मुंबई आ गई और डेली सोप में छोटे-मोटे रोल किए. फिर मुझे बिग बॉस में आने का मौका मिला और यहां से मुझे पहचान मिली. मुझे हमेशा से फैशन पसंद था. फिर मैंने इसे चुना और मैं ट्रोल होने लगी. हर दिन मैं बोल्ड होती गई. मैंने दूसरों को अपने आप को डिफाइन नहीं करने दिया. मैं जल्द ही मुंबई में अपना घर खरीदने जा रही हूं.”
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