कांग्रेस ने कहा है कि उच्चत्तम न्यायालय ने अपने फैसले में नोटबंदी और इसके परिणाम तथा प्रभाव को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की बल्कि नोटबन्दी के फ़ैसले की प्रक्रिया पर सवाल उठाया है।
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सोमवार को यहां पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से कहा ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रचारित कर रही है कि न्यायालय ने नोटबंदी के फैसले पर मुहर लगाई है जबकि सच्चाई यह है कि न्यायालय ने नोटबंदी के परिणाम और प्रभाव को लेकर नहीं बल्कि इसकी प्रक्रिया को लेकर टिप्पणी की है। उन्होंने इसे भाजपा का दुष्प्रचार बताया और कहा कि कांग्रेस नोटबंदी को लेकर जो सवाल तब करती थी उसके वही सवाल आज भी हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा भ्रम फैला रही है और प्रचारित कर रही है कि नोटबंदी का फैसला सही था और आज न्यायालय ने भी उसे सही बताया है जबकि फैसले में इस तरह की कहीं कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
प्रवक्ता ने कहा कि जिस फैसले को भाजपा नोटबंदी के पक्ष में बता रही है उसी फैसले से जुड़े एक न्यायाधीश ने फैसले की प्रक्रिया पर सवाल उठाया है और कहा है कि और यह निर्णय संसद की मंजूरी से होना चाहिए था। इसका मतलब साफ है कि न्यायालय ने फैसले को लेकर सवाल उठाया है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि उनकी पार्टी तब भी नोटबंदी को गलत मानती थी और अब भी गलत ही मानती है। उनका कहना था कि नोटबंदी से न आतंकवाद खत्म हुआ और न काले धन पर लगाम लगी। इस फैसले से छोटे कारोबारी तबाह हुए हैं और असंगठित क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि यदि यह फैसला सही था तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी चाहिए और उसमें जो सवाल नोटबंदी को लेकर आए उनका जवाब देना चाहिए।
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