भारतीय खेल इतिहास में आज का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। भारतीय दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार आयोजित ब्लाइंड विमेंस टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतकर पूरे देश को गौरवान्वित कर दिया। मैदान पर उनका संघर्ष, आत्मविश्वास और टीम स्पिरिट देखने योग्य थी — जहां आंखों की रोशनी भले कम थी, लेकिन सपनों की चमक दुनिया को मात दे गई।
इस यादगार उपलब्धि पर नीता एम. अंबानी ने दिल से टीम को बधाई देते हुए कहा, “हमारी दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट खिलाड़ियों ने एक बार फिर भारत का सिर गौरव से ऊंचा कर दिया है। दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट टीम ने पहला टी20 क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतकर साबित कर दिया कि सच्ची दृष्टि आंखों में नहीं, दिल में होती है। यह जीत साहस, धैर्य और अटूट जज्बे की विजय है। उन्होंने लाखों लोगों के लिए आशा, संभावना और प्रेरणा का मार्ग प्रकाशित किया है। टीम और उनके परिवारों को ढेरों बधाइयाँ!”
इंडियन ब्लाइंड विमेंस क्रिकेट टीम की कहानी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन चुकी है —
जहां हौसला हो, वहां जीत खुद रास्ता ढूंढ लेती है।
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