अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने वेब सीरीज ‘हीरामंडी: द डायमंड बाजार’ की सफलता के बाद कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि जीवन में ऐसा भी पल आएगा। न्होंने कहा कि 50 से अधिक उम्र की महिला कलाकारों को कम ही ऐसा मौका मिल पाता है।
कोइराला इस वेब सीरीज में मुख्य किरदारों में से एक मल्लिकाजान की भूमिका में हैं। उन्हें इसमें उनकी अदाकारी के लिए काफी सराहना मिल रही है। यह फिल्मकार संजय लीला भंसाली की पहली वेब सीरीज है जो ओटीटी मंच ‘नेटफ्लिक्स’ पर मौजूद है।
कोइराला ने ‘ओवेरियन’ के कैंसर से जूझने से लेकर उससे उबरने के बाद काम शुरू करने और वेब सीरीज में एक महत्वपूर्ण किरदार निभाने और दर्शकों से सराहना मिलने तक के सफर को सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर रविवार को बयां किया। उन्होंने लिखा, ‘‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि कैंसर से उबरने और 50 साल की होने के बाद मेरे जीवन में ऐसा पड़ाव आएगा।’’
कोइराला ने ‘हीरामंडी’ को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि करार देते कहा, ‘‘ 53 वर्षीय अभिनेत्री के रूप में मुझे एक बेहतरीन वेब सीरीज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का मौका मिला। मुझे बहुत खुशी है कि मैं उन पुराने किरदारों में उलझी नहीं रही। इसके लिए ओटीटी मंच और दर्शकों का शुक्रिया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आखिरकार महिला कलाकारों अन्य पेशेवरों को अच्छा काम और सम्मान मिलना शुरू हो गया है। मैं इस बदलते दौर का हिस्सा बनने पर खुद को भाग्यशाली मानती हूं।’’
अभिनेत्री को 2012 में ‘ओवेरियन’ (अंडाशयी) कैंसर होने का पता चला था। 2014 में उनका कैंसर का इलाज पूरा हुआ। इसके बाद से वह फिल्म ‘डियर माया’ (2017), ‘संजू’ (2018), ‘लस्ट स्टोरीज’ (2018) और ‘शहजादा’ (2023) में नजर आई हैं।
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