स्वास्थ्य क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले मंच नैटहेल्थ ने मंगलवार को सरकार से स्वास्थ्य पर बजट आवंटन को बढ़ाकर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 2.5 प्रतिशत करने और स्वास्थ्य देखभाल के जीएसटी ढांचे के पुनर्गठन की मांग की है।
नैटहेल्थ ने अपनी बजट-पूर्व सिफारिशों में बदलावकारी उपायों को लागू करने की जरूरत बतायी। इसमें स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आपूर्ति पक्ष की बाधाओं को दूर करने के लिए रणनीतिक निवेश को प्राथमिकता देने की बात कही गयी है।
नैटहेल्थ ने एक बयान में कहा, ”भारत का सार्वजनिक स्वास्थ्य पर खर्च कम है। यह सकल घरेलू उत्पाद का केवल 1.6-1.8 प्रतिशत है। स्वास्थ्य देखभाल चुनौतियों से निपटने के लिए बजट आवंटन बढ़ाए जाने की जरूरत है।”
इसने सामाजिक बीमा योजनाओं को बढ़ाने, स्वास्थ्य देखभाल सुधारों और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने और पूरे देश में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को तेजी से बढ़ावा देने के लिए बजट आवंटन को सकल घरेलू उत्पाद के 2.5 प्रतिशत तक बढ़ाने की सिफारिश की। मंच ने अपनी सिफारिशों में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के लिए जीएसटी को तर्कसंगत बनाने की जरूरत भी बतायी।
– एजेंसी
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