राकांपा के अजित पवार गुट ने भाजपा के आमंत्रण के बावजूद मंगलवार को यहां रेशिमबाग में आरएसएस संस्थापक केबी हेडगेवार और द्वितीय ‘सरसंघचालक’ एमएस गोलवलकर के स्मारक का दौरा नहीं किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को अपने सत्तारूढ़ गठबंधन सहयोगियों- शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अजित पवार गुट को आमंत्रण दिया था।
भाजपा के कई नेता, राज्य के मंत्री और विधायक मंगलवार सुबह हेडगेवार स्मृति मंदिर पहुंचे।
अजित पवार गुट के विधान पार्षद अमोल मिटकरी ने यहां विधान भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ”वहां जाना या न जाना हमारा अधिकार है। यह हर पार्टी का विशेषाधिकार है कि वह किसी विशेष स्थान पर जाए या नहीं।”
पार्टी के एक पदाधिकारी ने कहा, ”यह सच है कि राकांपा को भाजपा ने आमंत्रित किया था, लेकिन कोई वहां नहीं गया।”
राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर, विधायक भरत गोगावले और मनीषा कायंदे सहित एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के कई नेताओं और अन्य ने स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
हेडगेवार स्मृति मंदिर रेशिमबाग में स्थित है और संघ का मुख्यालय नागपुर के महल क्षेत्र में है।
भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक आशीष शेलार ने शिवसेना और अजित पवार गुट के सभी मंत्रियों तथा विधायकों को भेजे पत्र में कहा था कि उपस्थिति अनिवार्य है।
अजित पवार गुट के एक वरिष्ठ नेता ने कहा था कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार का मंगलवार सुबह आठ बजे स्थानीय समाचारपत्रों के संपादकों के साथ बातचीत का कार्यक्रम है, और इसलिए, उनके आरएसएस स्मारक का दौरा करने की संभावना नहीं है।
इस साल जुलाई में राज्य सरकार में शामिल होने के बाद, अजित पवार ने बार-बार दावा किया है कि वह अपनी ‘धर्मनिरपेक्ष’ पहचान को नहीं छोड़ेंगे।
– एजेंसी
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