राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि नैतिक शिक्षा जीवन निर्माण में मदद करती है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाती है। ओडिशा की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के समापन पर मुर्मू ने संबलपुर में ब्रह्माकुमारी के शिक्षा अभियान ‘न्यू एजुकेशन फॉर न्यू इंडिया’ की शुरुआत करते हुए यह बात कही।
राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘नैतिक शिक्षा हमें करुणा, दया, मित्रता और भाईचारे के जीवन मूल्यों से अवगत कराती है।’’ उन्होंने कहा कि इस अभियान की परिकल्पना मूल्यों को विकसित करने और छात्रों की चेतना के उत्थान के लिए की गई है। उन्होंने कहा कि समाज निर्माण में शिक्षा ने सदैव महत्वपूर्ण एवं परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है।
मुर्मू ने कहा, ‘‘सेवा, समानता और सहानुभूति जैसे नैतिक और मानवीय मूल्य हमारी संस्कृति की बुनियाद हैं और युवाओं को इन आदर्शों से परिचित होना चाहिए।’’ मुर्मू ने युवा पीढ़ी को अपने बुजुर्ग माता-पिता और समाज के वंचित वर्ग के लोगों की देखभाल करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा के माध्यम से बच्चों के मन में इन मूल्यों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण पैदा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘करुणा, दयालुता, मित्रता और भाईचारे जैसे गुणों वाले व्यक्ति में सकारात्मक परिवर्तन आ सकते हैं। किसी व्यक्ति में सकारात्मक परिवर्तन से एक बेहतर समाज बन सकता है।’’
– एजेंसी
Business Sandesh Indian Newspaper | Articles | Opinion Pieces | Research Studies | Findings & News | Sandesh News