प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को अयोध्या में नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। हवाई अड्डे का नाम महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्या धाम रखा गया है। महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना की थी। उनके बहुत सारे अनुयायी हैं जिनमें विशेष रूप से दलित समुदाय के हैं।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, अयोध्या के अत्याधुनिक हवाई अड्डे का पहला चरण 1,450 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का क्षेत्रफल 6,500 वर्ग मीटर है, जो सालाना लगभग 10 लाख यात्रियों की सेवा करने के लिए तैयार रहेगा।
टर्मिनल भवन का अग्रभाग अयोध्या के आगामी श्री राम मंदिर की मंदिर वास्तुकला को दर्शाता है। टर्मिनल भवन के अंदरूनी हिस्सों को भगवान श्रीराम के जीवन को दर्शाते हुए स्थानीय कला, चित्रों और भित्ति चित्रों से सजाया गया है।
अयोध्या हवाई अड्डे का टर्मिनल भवन विभिन्न सुविधाओं से लैस है जिनमें इंसुलेटेड रूफिंग सिस्टम, एलईडी लाइटिंग, वर्षा जल संचयन, फव्वारे के साथ भूनिर्माण, जल उपचार संयंत्र, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, सौर ऊर्जा संयंत्र शामिल हैं। हवाई अड्डे से क्षेत्र में संपर्क में सुधार होगा, जिससे पर्यटन, व्यावसायिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे जहां वह राज्य में 15,700 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लता मंगेशकर चौक पहुंचे और लोगों का अभिवादन किया। मोदी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राज्य मंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह समेत कई प्रमुख लोग मौजूद थे।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा यहां राम मंदिर की ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह से पहले हो रहा है। यहां राम मंदिर अभी निर्माणाधीन है, जिसका प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी को होगा, जिसमें मोदी शामिल होंगे।
– एजेंसी
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