कोल्हापुर (एजेंसी/वार्ता): महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार कर्नाटक के विवादित सीमा क्षेत्रों में रहने वाले मराठी भाषी लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए एक योजना तैयार कर रही है। जिला संरक्षक मंत्री केसरकर ने शनिवार सुबह पत्रकारों से कहा,“ सीमा विवाद मुद्दों के लिए अब तक कई आंदोलन हुए हैं और यह पिछले कई वर्षों से लंबित है। पर अभी तक कोई परिणाम नहीं निकला है और लोग परेशान हैं।
कर्नाटक सरकार के रवैये के अनुसार यह हमारी परंपरा नहीं है कि हम अपने मंत्रियों को प्रतिबंधित करें और हमारे नेताओं को जेल में डाल दें। इसलिए समाधान के तौर पर हम विवादित सीमा क्षेत्रों में रहने वाले मराठी भाषी लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए एक योजना तैयार कर रहे हैं और उन योजनाओं को भी फिर से शुरू कर रहे हैं, जिन्हें पिछली सरकार ने बंद कर दिया था।”
केसरकर ने कहा,“ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सलाह के अनुसार, कर्नाटक सरकार को सीमा मुद्दे पर चर्चा करने के लिए प्रत्येक राज्य के तीन विधायकों वाली दो राज्यों की एक समिति का गठन करने तक रुकना चाहिए, लेकिन सरकार राज्य विधानसभा में प्रस्ताव पारित करती है, लेकिन इस तरह के प्रस्ताव से हम प्रभावित नहीं होंगे।” उन्होंने कहा कि सीमा मुद्दे को लेकर मामला उच्चतम न्यायालय के समक्ष लंबित है।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि अदालत का फैसला तथ्यों पर आएगा। सोमवार को कोल्हापुर जिला कलेक्ट ऑफिस के सामने महाराष्ट्र एकीकरण समिति के आंदोलन पर श्री केसरकर ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से और प्रतीकात्मक रूप से होना चाहिए तथा इस मुद्दे को हल करने के हमारे प्रयास से प्रभावित नहीं होना चाहिए। अगर इस मसले को सुलझाना है तो इसे हिंसा के रास्ते से कभी नहीं सुलझाया जा सकता।
-एजेंसी/वार्ता
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