रात को गहरी नींद में अचानक पैरों में तेज़ खिंचाव या ऐंठन उठना बेहद असहज अनुभव है। कई बार लोग इसे थकान या ज्यादा चलने-फिरने का नतीजा मानकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि बार-बार होने वाली पैरों की ऐंठन (Leg Cramp) शरीर में कुछ जरूरी पोषक तत्वों, खासकर विटामिन और मिनरल्स की कमी का संकेत हो सकती है।
क्यों होती है पैरों में ऐंठन?
- विटामिन D की कमी – हड्डियों और मांसपेशियों की मजबूती के लिए जरूरी। इसकी कमी से मांसपेशियों में जकड़न और ऐंठन बढ़ जाती है।
- मैग्नीशियम की कमी – नर्व और मसल्स को आराम देने वाला मिनरल, जिसकी कमी ऐंठन का बड़ा कारण है।
- कैल्शियम असंतुलन – मांसपेशियों के सही काम के लिए कैल्शियम जरूरी है, कमी से पैरों में खिंचाव होता है।
- डिहाइड्रेशन – शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी भी ऐंठन को बढ़ा सकती है।
किन लोगों को ज्यादा होती है समस्या?
- गर्भवती महिलाएं
- बुजुर्ग लोग
- लंबे समय तक खड़े रहने वाले लोग
- एथलीट्स और ज्यादा वर्कआउट करने वाले लोग
पैरों की ऐंठन से बचने के घरेलू उपाय
- संतुलित आहार – दूध, दही, पनीर, हरी सब्जियां और नट्स का सेवन करें।
- विटामिन D के लिए धूप – रोज़ाना सुबह 15-20 मिनट धूप लें।
- पर्याप्त पानी पिएं – डिहाइड्रेशन से बचने के लिए दिनभर हाइड्रेटेड रहें।
- नियमित स्ट्रेचिंग – सोने से पहले हल्की स्ट्रेचिंग और वॉक करें।
- गर्म पानी की सिकाई – ऐंठन के समय गर्म पानी की सिकाई से तुरंत आराम मिलता है।
कब करें डॉक्टर से संपर्क?
- अगर ऐंठन रोज़ाना हो रही है।
- दर्द इतना तेज़ हो कि नींद पूरी न हो पाए।
- ऐंठन के साथ पैरों में सूजन, कमजोरी या सुन्नपन भी हो।
सोते समय पैरों में बार-बार ऐंठन होना केवल थकान का नतीजा नहीं, बल्कि विटामिन और मिनरल्स की कमी का संकेत भी हो सकता है। सही खानपान, पर्याप्त पानी और नियमित एक्सरसाइज से इसे आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। अगर समस्या बनी रहे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
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