मैग्नीशियम एक ऐसा खनिज तत्व है जो शरीर की सैकड़ों जैविक क्रियाओं में भाग लेता है — मांसपेशियों के संकुचन से लेकर नर्व सिग्नल, ब्लड शुगर कंट्रोल और हड्डियों की मजबूती तक। लेकिन आजकल की तनावभरी, प्रोसेस्ड फूड पर आधारित जीवनशैली के चलते लोगों में मैग्नीशियम की कमी (Magnesium Deficiency) तेजी से देखने को मिल रही है।
डॉ. बताते हैं, “मैग्नीशियम की कमी धीरे-धीरे असर दिखाती है और इसके लक्षण आमतौर पर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। लेकिन अगर समय पर ध्यान न दिया जाए, तो यह कई गंभीर बीमारियों की जड़ बन सकती है।”
क्यों होती है मैग्नीशियम की कमी?
असंतुलित आहार:
अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड, सफेद चीनी, रिफाइंड अनाज और कम सब्जियों वाला आहार मैग्नीशियम की मात्रा घटाता है।
पाचन तंत्र की समस्याएं:
IBS, सीलिएक डिजीज या क्रॉनिक डायरिया जैसी बीमारियों में शरीर मैग्नीशियम को ठीक से अवशोषित नहीं कर पाता।
अत्यधिक शराब या कॉफी सेवन:
ये दोनों पदार्थ मूत्र के ज़रिए मैग्नीशियम की ज्यादा मात्रा बाहर निकालते हैं।
कुछ दवाइयां:
एंटीबायोटिक्स, डाययूरेटिक्स और एंटासिड्स भी शरीर में मैग्नीशियम को कम कर सकते हैं।
मैग्नीशियम की कमी से होने वाले लक्षण:
मांसपेशियों में ऐंठन या झटके
लगातार थकान और कमजोरी
नींद की कमी या बेचैनी
सिरदर्द और माइग्रेन
दिल की धड़कन अनियमित होना
डिप्रेशन या मूड स्विंग्स
कैसे करें बचाव और पूर्ति?
हरी पत्तेदार सब्जियां (पालक, मेथी)
नट्स और बीज (बादाम, कद्दू के बीज)
केले, एवोकाडो, ब्राउन राइस
आवश्यकता होने पर डॉक्टर की सलाह से मैग्नीशियम सप्लीमेंट
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