खराब लाइफ स्टाइल, अनावश्यक तनाव के कारण लोग हार्ट रोगों के शिकार हो रहे हैं. इन बीमारियों में कोरोनरी हार्ट डिसीज, सेरेब्रोवास्कुलर डिसीज, रहयूमेटिक हार्ट डिसीज और अन्य स्थिति शामिल हैं. हार्ट रोगों के कारण होने वाली पांच में से चार मौतें मुख्य रूप से दिल के दौरे और स्ट्रोक के कारण होती हैं.आइये जानते है क्या है इसके लक्षण।
युवा वयस्कों में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसी कई वजहें शामिल हैं, जिनकी वजह से हार्ट डिसीज हो जाती है. खराब डाइट लेना, फिजिकल एक्टिव न होना, शारीरिक निष्क्रियता, तंबाकू का उपयोग, अधिक शराब पीना, लंबे समय तक बैठे रहना, हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, तनाव लेना शामिल है.
अगर किसी को सांस लेने में तकलीफ हो रही है तो यह इस बात का इंडीकेशन हो सकता है कि दिल में कुछ गड़बड़ है. यह धीरे-धीरे डेवलप हो सकता है. इससे कोरोनरी आर्टरी डिसीज या हार्ट फेल हो सकता है. एनजाइना (सीने में दर्द) अस्वस्थ दिल के संभावित लक्षणों में से एक है. यदि सीने में दबाव, दर्द, चुभन या जलन हो रही है तो दिल की समस्या हो सकती है. बाएं कंधे में दर्द, अनियमित दिल की धड़कन, नाराज़गी, पीठ और पेट में दर्द, अधिक पसीना, पैरों में सूजन, थकान, चक्कर आना, हार्ट पल्स का बढ़तना मितली आना शामिल है.
विटामिन डी दिल की नसों को मजबूत करने का काम करता है. इसे जरूर लेना चाहिए. पोटेशियम किडनी के माध्यम से अधिक मात्रा में मौजूद सोडियम को खत्म कर ब्लड प्रेशर ठीक रकता है. इसके लिए केला, आलूबुखारा, पालक, गाजर, आलू, बीन्स, नट्स जैसे बादाम, अंडे और डेयरी प्रॉडक्ट का सेवन करें. मैग्नीशियम रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित कर, ब्लड लिपिड में सुधार और ब्लड प्रेशर को कम कर हार्ट रोग और स्ट्रोक की संभावना को कम करता है. एवोकाडोस, क्विनोआ, कद्दू के बीज, टोफू, काली बीन्स, अंजीर, दही, तिल के बीज, सूरजमुखी के बीज, अलसी के बीज, ब्रोकोली, भिंडी, चुकंदर, ब्लैकबेरी, चेरी, आड़ू, हरी बेल मिर्च जैसे मैग्नीशियम से भरपूर खाद्य पदार्थ खाने चाहिए.
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