देसी घी हमारे रोज के खाने का अहम हिस्सा है. भारतीय रसोइ में देसी घी का बहुत ज्यादा इस्तेमाल होता है. लोग इसे रोजाना के भोजन में विभिन्न रूपों में उपयोग करते हैं. सुबह के नाश्ते में रोटी या परांठों पर देसी घी लगाकर खाते हैं. दाल, सब्जी और चावल के साथ भी देसी घी का लोग प्रयोग करते हैं, लेकिन देसी घी के सेवन से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है या नहीं, इस पर लंबे समय से बहस चल रही है. कई लोगों का मानना है कि देसी घी में अधिक मात्रा में वसा होने के कारण यह कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा सकता है. लेकिन कुछ अध्ययनों के अनुसार देसी घी का कोलेस्ट्रॉल पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ता.
आइए यहां हम जानते हैं कि आखिर किन स्थितियों में देसी घी का सेवन कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा सकता है. क्या देसी घी की मात्रा, व्यक्ति की उम्र और सेहत, या फिर उसकी कोलेस्ट्रॉल की शुरुआती स्थिति इस पर पर निर्भर करता है. चलिए जानते हैं कि घी के सेवन को किस तरह से संतुलित किया जाए ताकि कोलेस्ट्रॉल पर इसका बुरा प्रभाव न पड़े.
अधिक मात्रा में देसी घी खाना
अधिक मात्रा में देसी घी खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है अगर देसी घी का सेवन सामान्य मात्रा से अधिक किया जाए, तो यह खून में कुल कोलेस्ट्रॉल और खराब LDL कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकता है.इससे हृदय रोग जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
पहले से उच्च कोलेस्ट्रॉल
जिनका कोलेस्ट्रॉल पहले से ही उच्च स्तर पर है, उनमें देसी घी का असर ज्यादा होगा. उच्च कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों को अक्सर डाइट और दवाइयों के माध्यम से कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने की जरूरत होती है ऐसे में देसी घी का अधिक सेवन नुकसानदेह साबित हो सकता है.
बढ़ी उम्र के लोग
उम्र बढ़ने पर कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण कमजोर हो जाता है, ऐसे में घी का असर ज्यादा हो सकता है. उम्र बढ़ने पर कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण कमजोर हो जाता है. 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में कोलेस्ट्रॉल स्तर बढ़ने की संभावना ज्यादा होती है.देसी घी में संतृप्त वसा होती है जो कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा सकती है. अधिक मात्रा में देसी घी का सेवन बुज़ुर्गों के लिए नुकसानदायक हो सकता है.
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