कंगना रनौत फिल्म इमरजेंसी के सिलसिले में बिजी हैं। एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने फिल्म एनिमल पर जमकर भड़ास निकाली। कंगना का कहना है कि अजीब बात है जो एनिमल जैसी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बवाल मचाती है। इसमें कुल्हाड़ी लेकर लड़के निकल रहे हैं, ड्रग्स लेकर मस्त हैं, जैसे कोई कानून व्यवस्था नहीं है। कंगना को मेकर को भी क्रिटिसाइज किया जाना चाहिए कि ऐसी फिल्म बना रहे हैं। इसमें नहीं दिखाया गया कि जो गलत काम कर रहे, उन्हें सजा भी मिली।
कुल्हाड़ी लेके मारा-मार
सिद्धार्थ कनन से बातचीत में कंगना बोलीं, किस तरह की फिल्म है आप देख लीजिए। बॉक्स ऑफिस पे बवाल मचाती है पितृसत्तात्म फिल्म, ओहो। देख के लगता है कि कहां से निकल रहे हैं ये लोग तालियां सीटियां मारने? कुल्हाड़ी लेके अगर लड़के निकले और मारा मार खून, सिर्फ कुल्हाड़ी लेके निकले हुए हैं। न कोई उनको लॉ एंड ऑर्डर पूछ रहा है कुछ। मशीन गन लेकर वो स्कूल में जाते हैं, जैसे कि पुलिस है ही नहीं। जैसे कि उसका कोई खामियाजा है ही नहीं।
फिल्म देखने वाली जनता को भी देखिए
कंगना बोलती हैं, कानून है ही नहीं, लाशों के ढेर हैं। क्यों? मस्ती ही छाई हुई है, न वो लोक कल्याण के लिए है, ना वो सरहदों के लिए है, न वो जन कल्याण के लिए है। बस मस्ती में हैं। ड्रग्स लेकर मस्त हैं। और क्या जनता निकलती है उसको देखने के लिए, आप जनता को भी देखिए।
मेकर की भी आलोचना होनी चाहिए
कंगना बोलीं, तो क्या बोल सकते हैं ऐसी सोसाइटी के लिए? चिंता का ये विषय है। इस तरह की फिल्मों को डिसकरेज होना चाहिए और निंदा होनी चाहिए। जो लोग ऐसा करते हैं, सजा मिली उनको ये भी प्रमोट करना चाहिए। जो लोग बना रहे हैं उनको क्रिटिसाइज करना चाहिए।
Business Sandesh Indian Newspaper | Articles | Opinion Pieces | Research Studies | Findings & News | Sandesh News