यूरिक एसिड की समस्या वाले लोगों को अपनी डाइट को लेकर बहुत सतर्क रहना चाहिए। खासकर उन्हें ऐसे फूड्स से बचना चाहिए जिनमें प्यूरिन की मात्रा अधिक होती है, क्योंकि यही यूरिक एसिड को बढ़ाने का मुख्य कारण है।
इस बीच एक आम सवाल अक्सर पूछा जाता है – क्या चावल यूरिक एसिड में खा सकते हैं? आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से।
चावल और यूरिक एसिड – क्या है रिश्ता?
चावल भले ही सीधा प्यूरिन न बढ़ाता हो, लेकिन ये एक सिंपल कार्बोहाइड्रेट से भरपूर खाद्य पदार्थ है। इसका मतलब ये है कि ये खाने के बाद जल्दी पचता है और शरीर में ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ाता है, जिससे मेटाबोलिज्म धीमा हो सकता है।
धीमा मेटाबोलिज्म = यूरिक एसिड को तोड़ने की क्षमता कमजोर।
गाउट के मरीजों के लिए खतरे की घंटी
अगर आप पहले से ही गाउट (Gout) या जोड़ों के दर्द की समस्या से जूझ रहे हैं, तो चावल का सेवन आपकी तकलीफ बढ़ा सकता है।
यूरिक एसिड जब जोड़ों में जमा होता है, तो वहां सूजन और तेज़ दर्द पैदा करता है।
चावल जैसे कार्बोहाइड्रेट से भरपूर फूड्स इस स्थिति को और खराब कर सकते हैं।
वजन बढ़ेगा तो समस्या भी बढ़ेगी
चावल का ज़्यादा सेवन आपके वजन को बढ़ा सकता है। और जब वजन बढ़ता है, तो गाउट की समस्या और भी असहनीय हो सकती है।
अधिक वजन वाले लोगों में यूरिक एसिड का स्तर नियंत्रित करना और कठिन हो जाता है।
क्या करना चाहिए?
सफेद चावल की बजाय आप चाहें तो ब्राउन राइस, मिलेट्स या क्विनोआ जैसे ऑप्शन चुन सकते हैं।
चावल की मात्रा सीमित रखें और संतुलित डाइट लें।
खूब पानी पिएं ताकि यूरिक एसिड शरीर से फ्लश हो सके।
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