प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को निवेशकों से उत्तराखंड की असीमित क्षमता का लाभ उठाने और उन्हें अवसरों में बदलने का आह्वान किया।
वह यहां वन अनुसंधान संस्थान में उत्तराखंड वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे।
दो दिन के वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन का मुख्य लक्ष्य इस पहाड़ी राज्य को एक प्रमुख निवेश गंतव्य के तौर पर पेश करना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड दिव्यता और विकास का संगम है।
उन्होंने कहा, “प्रकृति, संस्कृति और विरासत- उत्तराखंड में सबकुछ है। आपको उनके द्वार खोलने हैं और उन्हें अवसरों में बदलना है।”
प्रधानमंत्री ने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और स्वयं सहायता समूहों की आय बढ़ाने के लिए ब्रांड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ की भी शुरुआत की।
इस शिखर सम्मेलन की तैयारियां महीनों से चल रही थीं। इसमें देश और विदेशों के हजारों निवेशक और प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
शिखर सम्मेलन में 2.5 लाख करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने थे, लेकिन इस लक्ष्य को यह कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही पार कर लिया गया है। अबतक कुल तीन लाख करोड़ रुपये के एमओयू हो चुके हैं।
निवेशक सम्मेलन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ब्रिटेन के लंदन, बर्मिंघम के साथ दुबई और अबू धाबी में रोड-शो (प्रचार-प्रसार) किए थे।
– एजेंसी
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