भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन आसियान के बीच मौजूदा वस्तु व्यापार समझौते (AIFTA) की समीक्षा को लेकर चर्चाएं तेज हो रही हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि इस दिशा में वार्ता जारी है और भारत समीक्षा प्रक्रिया को गति देना चाहता है।
इस मुद्दे पर चर्चा उस समय और महत्वपूर्ण हो गई जब पीयूष गोयल ने मलेशिया के निवेश, व्यापार और उद्योग मंत्री टी. जफरुल अजीज के साथ बैठक की। मलेशिया, आसियान के भीतर भारत के साथ आर्थिक समन्वयक की भूमिका निभा रहा है।
‘‘निष्पक्ष और संतुलित व्यापार’’ की दिशा में कदम
पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा:
“मलेशिया के मंत्री टी. जफरुल अजीज के साथ एक सार्थक बैठक हुई। हमने AIFTA की समीक्षा पर चर्चा की और इस दिशा में मौजूद चुनौतियों का समाधान खोजने पर बल दिया।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत सभी आसियान सदस्य देशों के साथ त्वरित और रचनात्मक वार्ता की उम्मीद कर रहा है, जिससे व्यापार को निष्पक्ष, संतुलित और टिकाऊ बनाया जा सके।
क्यों है समीक्षा महत्वपूर्ण?
AIFTA की समीक्षा की मांग लंबे समय से भारतीय उद्योग जगत कर रहा है।
इसकी प्रमुख वजहें हैं:
मौजूदा समझौते से व्यापार में असंतुलन
भारतीय बाजार में बढ़ता आयात दबाव, खासकर कुछ संवेदनशील उत्पादों में
घरेलू उद्योगों को बराबरी का मौका दिलाने की जरूरत
भारत अब एक उन्नत, पारदर्शी और आधुनिक समझौते की उम्मीद कर रहा है जो द्विपक्षीय व्यापार में संतुलन लाएगा।
आसियान कौन-कौन से देश?
आसियान में 10 सदस्य देश शामिल हैं:
ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम।
भारत और आसियान के बीच वस्तु व्यापार समझौता जनवरी 2010 में लागू हुआ था।
अगस्त 2023 में दोनों पक्षों ने घोषणा की थी कि 2025 तक इस समझौते की पूर्ण समीक्षा की जाएगी।
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