कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं सांसद दिग्विजय सिंह ने आज कहा कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शंकराचार्य की अवहेलना करना उचित नहीं है। चारों शंकराचार्य सनातन धर्म के संवाहक हैं। उनकी बात पर गौर किया जाना चाहिए।
दिग्विजय ने शनिवार को एक्स पर लिखा कि चारों शंकराचार्य सनातन धर्म के संवाहक और शीर्ष हैं। उनके आदेश की अवहेलना कर राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा करना धर्म विरुद्ध कृत्य है। यह राजनीतिक प्रयोग है। कांग्रेस जन इसलिए वहां नहीं जाएंगे, क्योंकि हम हमारे सनातन गुरु और आदर्श शंकराचार्य धर्म गुरुओं की अवहेलना नहीं कर सकते हैं और न ही सनातन धर्म के सच्चे अनुयायियों की भावना पर आघात कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हिंदुओं के लिए सनातन धर्म की सबसे सम्मानित प्रमाणित गद्दी चार शंकराचार्यों की होती है। इनमें आज सब से वरिष्ठ व शास्त्रों के ज्ञाता पुरी के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती महाराज हैं। उनके अनुसार निर्माणाधीन मंदिरों में मूर्ति की प्रतिष्ठा कभी नहीं होती है।
– एजेंसी
Business Sandesh Indian Newspaper | Articles | Opinion Pieces | Research Studies | Findings & News | Sandesh News