छाती में दर्द हो तो न करें अनदेखी, हो सकती है एनजाइना या एंग्जायटी की समस्या

दिल की बीमारी और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में आम होती जा रही हैं। खासतौर पर एनजाइना (Angina) और एंग्जायटी (Anxiety) के लक्षण कई बार इतने मिलते-जुलते होते हैं कि उन्हें अलग करना मुश्किल हो जाता है। लेकिन एक्सपर्ट मानते हैं कि सही पहचान और समय पर इलाज से दोनों ही बीमारियों को नियंत्रित किया जा सकता है।

एनजाइना क्या है?

एनजाइना दिल की मांसपेशियों तक ऑक्सीजन की कमी के कारण होता है। इसे छाती में दर्द, दबाव या भारीपन के रूप में महसूस किया जाता है। अक्सर यह दर्द बांह, कंधा, गर्दन या जबड़े तक फैल सकता है। यह संकेत दिल की बीमारी का पहला चेतावनी संकेत हो सकता है।

डॉ. कार्डियोलॉजिस्ट, बताते हैं, “एनजाइना के मरीजों को अक्सर हल्की से लेकर तेज़ तक दर्द का अनुभव होता है, जो आमतौर पर शारीरिक मेहनत, तनाव या ठंडे मौसम में बढ़ जाता है। यदि ऐसा दर्द 5 मिनट से अधिक समय तक रहता है, तो तुरंत चिकित्सा सलाह लेनी चाहिए।”

एंग्जायटी के लक्षण

एंग्जायटी यानी चिंता के कारण शरीर और मन दोनों प्रभावित होते हैं। इसके प्रमुख लक्षणों में घबराहट, तेज़ दिल की धड़कन, पसीना आना, सांस लेने में तकलीफ, और बेचैनी शामिल हैं। कई बार ये लक्षण एनजाइना के लक्षणों से इतने मिलते-जुलते हैं कि भ्रम हो जाता है।

हेल्थ काउंसलर कहती हैं, “एंग्जायटी में दिल की धड़कन तेज होना, सीने में हल्का दर्द या दबाव महसूस होना आम बात है। लेकिन ये दर्द दिल के कारण नहीं, मानसिक तनाव के चलते होता है। इसलिए मानसिक स्वास्थ्य का सही इलाज बेहद जरूरी है।”

एनजाइना और एंग्जायटी में फर्क कैसे पहचानें?

एनजाइना का दर्द सामान्यतः शारीरिक गतिविधि के दौरान होता है और आराम करने पर कम हो जाता है।

एंग्जायटी का दर्द अचानक और बिना किसी शारीरिक कारण के हो सकता है, और यह अक्सर बेचैनी या डर की भावना के साथ होता है।

एनजाइना में सांस फूलना और गंभीर थकान हो सकती है, जबकि एंग्जायटी में सांस लेने में घबराहट होती है।

एनजाइना में दिल की धड़कन सामान्य या धीमी हो सकती है, लेकिन एंग्जायटी में यह तेज होती है।

हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह

यदि छाती में अचानक दर्द हो और वह 5 मिनट से अधिक समय तक बना रहे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं, खासकर यदि परिवार में हृदय रोग का इतिहास हो।

मानसिक तनाव को कम करने के लिए योग, मेडिटेशन और पर्याप्त नींद लें।

धूम्रपान, शराब और अनहेल्दी खाने से बचें।

एंग्जायटी के लक्षण महसूस होने पर काउंसलिंग या थेरेपी जरूर लें।

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