आजकल फिटनेस और बॉडी बिल्डिंग के क्रेज में लोग प्रोटीन की मात्रा खूब ज्यादा लेने लगे हैं। प्रोटीन मांसपेशियों की मजबूती, मेटाबॉलिज्म और एनर्जी के लिए ज़रूरी है, लेकिन “ज्यादा प्रोटीन = ज्यादा सेहत” का फॉर्मूला बिल्कुल गलत है। शरीर को जितनी ज़रूरत होती है, उससे अधिक प्रोटीन खाने से कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
कितना प्रोटीन है पर्याप्त?
- एक सामान्य स्वस्थ व्यक्ति को लगभग 0.8 से 1 ग्राम प्रोटीन प्रति किलो बॉडी वेट की ज़रूरत होती है।
- खिलाड़ियों और जिम जाने वालों को यह मात्रा थोड़ी ज्यादा चाहिए, लेकिन एक्सपर्ट की गाइडेंस के बिना ज़्यादा लेना नुकसानदेह है।
ज्यादा प्रोटीन लेने के नुकसान
- किडनी पर दबाव
- ज़रूरत से अधिक प्रोटीन किडनी को ओवरवर्क कर देता है, जिससे किडनी डैमेज का खतरा बढ़ जाता है।
- लिवर की समस्या
- लिवर को प्रोटीन ब्रेकडाउन करना पड़ता है। ओवरडोज़ से फैटी लिवर और लिवर स्ट्रेस हो सकता है।
- हड्डियां कमजोर होना
- ज्यादा प्रोटीन से शरीर में कैल्शियम की कमी हो सकती है, जिससे हड्डियां कमजोर पड़ती हैं।
- दिल की बीमारियां
- एनिमल प्रोटीन (रेड मीट आदि) का ज्यादा सेवन कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है, जो हार्ट प्रॉब्लम्स का खतरा पैदा करता है।
- डिहाइड्रेशन और पाचन समस्या
- अतिरिक्त प्रोटीन को बाहर निकालने में ज्यादा पानी लगता है, जिससे शरीर डिहाइड्रेट हो सकता है।
- गैस, कब्ज़ और एसिडिटी की दिक्कतें भी बढ़ सकती हैं।
सही तरीके से लें प्रोटीन
- प्रोटीन की मात्रा हमेशा डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह से तय करें।
- प्रोटीन सोर्स में दालें, अंकुरित अनाज, पनीर, अंडा, दही, मछली और नट्स को शामिल करें।
- साथ में पर्याप्त पानी पिएं और संतुलित आहार लें।
याद रखें, प्रोटीन ज़रूरी है लेकिन ओवरडोज़ ज़हर साबित हो सकता है। फिटनेस की दौड़ में सेहत से खिलवाड़ न करें और प्रोटीन सेवन हमेशा संतुलित मात्रा में ही करें।
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