शरीर के किसी हिस्से में अगर दर्द हो रहा है तो इसे इग्नोर करने की गलती बिल्कुल न करें. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि किसी हिस्से में होने वाला दर्द बड़े खतरे की चेतावनी भी हो सकती है. लगभग एक तिहाई ज्यादा लोगों ने यह माना है कि दर्द उनके रोजमर्रा के कामों को प्रभावित करता है. चोट लगने पर होने वाले दर्द को फिर भी नॉर्मल समझा जा सकता है, लेकिन अगर आपको कहीं बिना किसी कारण दर्द हो रहा है तो यह चिंता का विषय है. कुछ दर्द ऐसे होते हैं जिन्हें नॉर्मल समझने की गलती आपको भूले से भी नहीं करनी चाहिए. क्योंकि ये किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है.
एनएचएस के मुताबिक, कंधों में दर्द गलत पॉजिशन में सोने या हैवी एक्सरसाइज करने की वजह से हो सकता है. हालांकि कुछ मामलों में दर्द की वजह पित्ताशय की गंभीर स्थिति हो सकती है. एक्यूट कोलेसिस्टिटिस अचानक से शुरू होते है. इसमें पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द शुरू होकर दाहिने कंधे तक फैल जाता है. यह कंडीशन तब पैदा होती है, जब एक डाइजेस्टिव जूस, बाइल पित्ताशय यानी गॉलब्लैडर में फंस जाता है.
सेप्सिस और मौत का खतरा!
इसके ज्यादा मामलों में कठोर और ठोस गांठें देखी जाती हैं जिसे पित्त की पथरी कहा जाता है. पित्त की पथरी बाइल को बाहर निकालने वाली ट्यूब को ब्लॉक कर देती है. ब्लॉक होने की वजह से पित्त यानी बाइल स्टोर होने लगता है, जो इन्फेक्शन की चपेट में आने से पहले जलन और प्रेशर पैदा कर सकता है. सेप्सिस और मौत जैसे खतरों की वजह से एक्यूट कोलेसिस्टिटिस गंभीर स्थिति है, इस समस्या का इलाज आमतौर पर हॉस्पिटल में इंट्रावेनस फ्लूड्स और एंटीबायोटिक दवाओं से करने की जरूरत होती है.
जान लें लक्षण
एक्यूट कोलेसिस्टिटिस को फिर से होने से रोकने के लिए कुछ शुरुआती इलाज के बाद गॉलब्लैडर को रिमूव करने की सिफारिश भी डॉक्टरों द्वारा की जा सकती है. लोगों में इसके कुछ लक्षण दिखाई देते हैं, जैसे-
हाई टेंपरेचर यानी फीवर
नोजिया और उल्टी
पसीना आना
भूख न लगना या कम लगना
स्किन और आंखों के सफेद हिस्से का पीला होना
एनएचएस के मुताबिक, अगर आपको पेट में अचानक तेजी से दर्द उठता है और फीवर या पीलिया जैसे लक्षण भी महसूस होते हैं तो आपको डॉक्टर से इस बारे में जरूर बात करनी चाहिए.
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