अगर 30 की उम्र के बाद शुरू हुआ है हड्डियों में दर्द, तो ये 5 टेस्ट जरूर कराएं

उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों में थोड़ी बहुत अकड़न या थकान होना सामान्य माना जाता है, लेकिन अगर 30 साल की उम्र के बाद बार-बार या लगातार हड्डियों में दर्द हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।डॉ. कहते हैं, “आजकल युवाओं में भी कमजोर हड्डियां, विटामिन की कमी और ऑटोइम्यून बीमारियां देखी जा रही हैं। ऐसे में समय पर जांच बेहद जरूरी है।”

ये 5 जरूरी टेस्ट ज़रूर करवाएं:
1. विटामिन D टेस्ट:
विटामिन D की कमी भारत में बहुत आम है, खासकर जो धूप में कम जाते हैं। इसकी कमी से हड्डियों में दर्द, थकान और कमजोरी हो सकती है।

2. BMD टेस्ट (Bone Mineral Density):
यह टेस्ट बताता है कि आपकी हड्डियों में कैल्शियम कितना है और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कितना है। 30 की उम्र के बाद यह टेस्ट कराना हड्डियों की सेहत के लिए अहम है।

3. X-Ray या MRI (अगर दर्द लगातार है):
अगर दर्द किसी खास जोड़ या हड्डी में लंबे समय तक बना रहता है, तो एक्स-रे या एमआरआई से सूजन, फ्रैक्चर या गठिया जैसी स्थितियां सामने आ सकती हैं।

4. कैल्शियम लेवल टेस्ट:
रक्त में कैल्शियम का स्तर हड्डियों की मजबूती का संकेत देता है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं।

5. RA Factor टेस्ट (Rheumatoid Arthritis):
अगर हड्डियों या जोड़ों में सूजन और सुबह stiffness महसूस होती है, तो यह टेस्ट यह जांचने के लिए जरूरी है कि कहीं यह ऑटोइम्यून गठिया तो नहीं।

क्या करें बचाव में?
धूप में रोजाना 15–20 मिनट जरूर बैठें

कैल्शियम और प्रोटीन युक्त डाइट लें

नियमित योग और हल्की एक्सरसाइज करें

शरीर में सूजन या दर्द हो तो डॉक्टर से परामर्श लें

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