मस्सों का बार-बार उगना कैसे रोकें? जानिए विशेषज्ञों से कारगर टिप्स

मस्से या स्किन वर्ट्स एक आम लेकिन नाकारा सौंदर्य समस्या है, जो कई लोगों को बार-बार परेशान करती रहती है। छोटे-छोटे मस्से त्वचा पर उभर आते हैं, जो दिखने में भले ही बड़े खतरनाक न लगें, लेकिन इन्हें हटाना और दोबारा न उगने देना एक चुनौती भरा काम है। खासकर जब मस्से बार-बार उगने लगें तो इस बात को गंभीरता से लेना जरूरी है। आइए जानते हैं मस्सों के बार-बार उगने के कारण और इससे बचने के वैज्ञानिक और घरेलू उपाय।

मस्से क्या होते हैं?

मस्से त्वचा की सतह पर उभरने वाले छोटे-छोटे गांठ जैसे होते हैं, जिन्हें ‘स्किन वर्ट्स’ भी कहा जाता है। ये मानव पेपिलोमा वायरस (HPV) के संक्रमण से होते हैं। यह वायरस त्वचा की ऊपरी परत में प्रवेश करता है और वहां कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि कर मस्से पैदा करता है। मस्से विभिन्न आकार और रंगों में हो सकते हैं और यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकते हैं।

मस्सों के बार-बार उगने के कारण

मानव पेपिलोमा वायरस (HPV) का संक्रमण:
यह वायरस त्वचा पर बार-बार संक्रमण फैला सकता है, जिससे मस्से दोबारा उग आते हैं।

कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता:
जब शरीर की इम्यूनिटी कमजोर होती है, तो वायरस से लड़ने में कमजोरी रहती है, जिससे मस्से बार-बार उग सकते हैं।

त्वचा की चोट या घाव:
किसी चोट या घाव के कारण वायरस त्वचा में प्रवेश कर सकता है और मस्से उगने लगते हैं।

स्वच्छता की कमी:
खराब स्वच्छता, गंदे हाथ या संक्रमण फैलाने वाले उपकरणों के इस्तेमाल से मस्से का संक्रमण बढ़ सकता है।

व्यक्तिगत संपर्क:
मस्से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में छूने या निजी वस्तुओं जैसे तौलिया, रेजर आदि के साझा उपयोग से फैलते हैं।

डॉक्टर क्या कहते हैं?

त्वचा रोग विशेषज्ञ बताती हैं,
“मस्से केवल सौंदर्य समस्या नहीं हैं, ये वायरल संक्रमण के कारण होते हैं। इसलिए मस्सों को हटाने के बाद भी संक्रमण से बचाव जरूरी होता है। बार-बार मस्से उगने का मतलब है कि वायरस अभी भी त्वचा में मौजूद है या शरीर की इम्यूनिटी उसे पूरी तरह खत्म नहीं कर पाई है। सही इलाज के साथ-साथ जीवनशैली और स्वच्छता पर भी ध्यान देना जरूरी है।”

मस्सों को बार-बार उगने से रोकने के उपाय

स्वच्छता बनाए रखें:
हाथों को नियमित धोएं, निजी वस्तुओं जैसे तौलिया, जूते, रेजर किसी के साथ साझा न करें।

त्वचा को स्वस्थ रखें:
त्वचा पर चोट या घाव से बचें, क्योंकि वायरस घाव के जरिए आसानी से प्रवेश कर सकता है।

इम्यूनिटी बढ़ाएं:
संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, और पर्याप्त नींद से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करें।

मस्सों का समय पर इलाज:
मस्से दिखाई दें तो घरेलू उपाय या देरी न करें, तुरंत त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करें।

मेडिकल उपचार:

क्रीम या जेली जो वर्ट्स हटाने में मदद करें।

क्रायोथेरपी (ठंडा उपचार), लेजर ट्रीटमेंट या सर्जरी, डॉक्टर की सलाह पर।

कभी-कभी इम्यूनोथेरेपी भी दी जाती है।

घरेलू उपाय:

नींबू का रस, एलोवेरा जेल, या टी ट्री ऑयल के इस्तेमाल से मस्सों पर फायदा हो सकता है। लेकिन यह केवल हल्के मामलों में कारगर होता है।

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