बदलती जीवनशैली, खानपान में असंतुलन और स्ट्रेस भरे वातावरण के बीच आजकल लोग प्राकृतिक विकल्पों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। इन विकल्पों में एलोवेरा जूस एक लोकप्रिय नाम बन चुका है। दावा किया जाता है कि एलोवेरा जूस पाचन शक्ति सुधारने, त्वचा को चमकदार बनाने, और डिटॉक्स में मदद करता है। लेकिन क्या रोजाना एलोवेरा जूस पीना वाकई सुरक्षित है? और क्या इसके कोई साइड इफेक्ट भी हैं?
इन्हीं सवालों का जवाब जानने के लिए हमने बात की आयुर्वेदाचार्य डॉ. रजनी त्रिपाठी और न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. प्रिया चौधरी से। दोनों विशेषज्ञों ने एलोवेरा जूस के फायदे तो गिनाए, लेकिन सावधानी बरतने की भी सलाह दी।
क्या कहती हैं विशेषज्ञों की राय?
डॉ. कहती हैं,
“एलोवेरा में एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन A, C, E, B12, और फोलिक एसिड जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये शरीर को डिटॉक्स करने, लिवर को साफ करने, और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं। लेकिन रोजाना सेवन करते समय मात्रा का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।”
उनके अनुसार, एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए दिन में 30 से 50 मिलीलीटर एलोवेरा जूस पर्याप्त होता है। इसे खाली पेट पीने से ज्यादा लाभ मिल सकता है, लेकिन गर्म पानी में मिलाकर लेना अधिक सुरक्षित रहता है।
एलोवेरा जूस के संभावित फायदे:
पाचन सुधारता है – कब्ज, एसिडिटी, और अपच जैसी समस्याओं में राहत देता है।
त्वचा को निखारता है – झुर्रियों और दाग-धब्बों को कम करने में सहायक।
डायबिटीज में सहायक – कुछ शोधों के अनुसार, ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मददगार।
लिवर को करता है डिटॉक्स – जिगर की सफाई में सहायक माना जाता है।
इम्यून सिस्टम मजबूत करता है – संक्रमण से लड़ने की शक्ति बढ़ाता है।
रोजाना सेवन से पहले जान लें ये सावधानियां:
डॉ. चेतावनी देती हैं कि “एलोवेरा जूस के अधिक सेवन से डायरिया, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, और आंतों में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली महिलाओं और कुछ दवाएं लेने वालों को इसका सेवन चिकित्सकीय सलाह के बिना नहीं करना चाहिए।”
इसके अलावा बाजार में मिलने वाले एलोवेरा जूस में कई बार प्रिज़रवेटिव्स और चीनी मिलाए जाते हैं, जिससे इसके प्राकृतिक लाभ कम हो सकते हैं।
क्या कहती हैं रिसर्च रिपोर्ट्स?
एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की FDA (Food & Drug Administration) ने एलोवेरा लेटेक्स (पीले रंग का अर्क) को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया है।
वहीं, कुछ अन्य अध्ययन बताते हैं कि शुद्ध एलोवेरा जूस, जब नियंत्रित मात्रा में लिया जाए, तो लाभकारी हो सकता है।
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