डायबिटीज़ आज के समय की सबसे बड़ी जीवनशैली संबंधी बीमारियों में से एक है। गलत खानपान, तनाव और शारीरिक गतिविधि की कमी से ब्लड शुगर लेवल असंतुलित हो जाता है। बाज़ार में कई तरह की दवाइयाँ और सप्लीमेंट्स उपलब्ध हैं, लेकिन आयुर्वेद में कुछ बेहद असरदार और सुरक्षित घरेलू नुस्खे बताए गए हैं। उनमें से एक है – त्रिफला ड्रिंक।
त्रिफला क्या है?
त्रिफला तीन औषधीय फलों का मिश्रण है –
- आंवला (Vitamin C से भरपूर, एंटीऑक्सीडेंट)
- हरड़ (पाचन को दुरुस्त करने वाला)
- बहेरा (टॉक्सिन बाहर निकालने वाला)
ये तीनों मिलकर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद करते हैं।
ब्लड शुगर कंट्रोल में कैसे फायदेमंद है त्रिफला?
- यह शरीर में इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर करता है।
- आंवले में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट पैंक्रियाज़ की कोशिकाओं को सक्रिय रखते हैं।
- त्रिफला पाचन सुधारता है, जिससे ग्लूकोज़ का अवशोषण धीरे-धीरे होता है और ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता।
- इसमें मौजूद फाइबर ब्लड शुगर स्पाइक्स को रोकता है।
त्रिफला ड्रिंक बनाने का तरीका
- एक गिलास गुनगुना पानी लें।
- उसमें 1 चम्मच त्रिफला पाउडर डालें।
- अच्छे से मिलाकर 5–10 मिनट तक रहने दें।
- छानकर या सीधे पिएं।
कब पिएं त्रिफला ड्रिंक?
- सुबह खाली पेट त्रिफला ड्रिंक पीना सबसे फायदेमंद माना जाता है।
- रात को सोने से पहले भी इसे लिया जा सकता है, लेकिन हमेशा डॉक्टर की सलाह से।
सावधानियाँ
- डायबिटीज़ की दवा ले रहे लोग इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
- अत्यधिक मात्रा में इसका सेवन न करें, वरना पेट में गड़बड़ी हो सकती है।
- गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएँ बिना विशेषज्ञ की सलाह के न लें।
ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए त्रिफला ड्रिंक एक असरदार और प्राकृतिक उपाय है। सही समय और मात्रा में इसका सेवन करने से न सिर्फ शुगर लेवल संतुलित रहेगा, बल्कि पाचन, इम्यूनिटी और संपूर्ण स्वास्थ्य भी बेहतर होगा।
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