अगर आपको या आपके परिवार में किसी को अस्थमा की शिकायत है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। डॉक्टरों और एलर्जी विशेषज्ञों का कहना है कि हमारे घरों में इस्तेमाल की जाने वाली कुछ सामान्य चीजें—जैसे परदे, कालीन (कारपेट), तकिए और गद्दे—अस्थमा के लक्षणों को ट्रिगर कर सकती हैं या स्थिति को और भी गंभीर बना सकती हैं।
वातावरण को सुंदर बनाने वाली ये वस्तुएं अस्थमा रोगियों के लिए छिपा हुआ खतरा बनती जा रही हैं। खासतौर पर महानगरों में जहां प्रदूषण और इनडोर एलर्जन दोनों तेजी से बढ़ रहे हैं।
क्या कहती है मेडिकल रिसर्च?
हाल ही में पब्लिश हुई इंडियन जर्नल ऑफ चेस्ट डिजीज एंड एलायर्ड साइंसेज की एक रिपोर्ट के अनुसार, 60% अस्थमा रोगियों के घरों में पाए जाने वाले इनडोर एलर्जन—जैसे हाउस डस्ट माइट्स, फंगल स्पोर्स, पालतू जानवरों के बाल और धूल—अस्थमा को बढ़ाने वाले प्रमुख कारक होते हैं।
डॉक्टरों की मानें तो परदे और कारपेट धूल और एलर्जन को जमा करने का सबसे मुफीद ठिकाना होते हैं। इन्हें नियमित रूप से न धोया जाए तो ये फेफड़ों के लिए खतरनाक हो सकते हैं।
परदे और कालीन: सुन्दरता या संकट?
धूल और डस्ट माइट्स का अड्डा:
परदे और कारपेट महीनों तक साफ नहीं किए जाते, जिससे उनमें धूल, फफूंदी और बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। ये अस्थमा ट्रिगर करने वाले एलर्जन हैं।
सिंथेटिक फैब्रिक में केमिकल्स:
कई बार परदे और गद्दों के कपड़ों में इस्तेमाल होने वाले कृत्रिम रंग और रसायन भी सांस की एलर्जी पैदा कर सकते हैं।
नमी से फफूंदी:
बरसात या उमस वाले इलाकों में कारपेट और भारी परदों में नमी रहने लगती है, जिससे फंगस पैदा होता है—जो अस्थमा को गंभीर कर सकता है।
डॉक्टरों की सलाह क्या है?
डॉ. कहते हैं,
“अस्थमा रोगियों के लिए घर का वातावरण जितना साफ, सूखा और हवादार होगा, उनकी स्थिति उतनी ही बेहतर रहेगी। परदे, कारपेट और गद्दों की नियमित सफाई जरूरी है। बेहतर हो कि इनका इस्तेमाल सीमित किया जाए।”
कैसे करें बचाव?
हफ्ते में कम से कम एक बार परदे धोएं
कारपेट की जगह वॉशेबल मैट या दरी का इस्तेमाल करें
गद्दों और तकियों पर डस्टप्रूफ कवर लगाएं
कमरे में वेंटिलेशन अच्छा रखें और नमी न बनने दें
HEPA फिल्टर वाले एयर प्यूरीफायर का प्रयोग करें
पालतू जानवरों को बेडरूम से दूर रखें
बच्चों और बुजुर्गों के लिए ज्यादा खतरा
अस्थमा से पीड़ित छोटे बच्चे और बुजुर्ग अधिक संवेदनशील होते हैं। उनके लिए इनडोर एलर्जन किसी भी समय श्वास रुकावट या अटैक की वजह बन सकते हैं। इसलिए उनके कमरे को विशेष रूप से साफ और एलर्जन-मुक्त बनाए रखना जरूरी है।
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