हाई कोलेस्ट्रॉल एक साइलेंट किलर की तरह होता है, जो बिना किसी खास लक्षण के दिल को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। खून में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ने से दिल की नसों में फैट जमने लगता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में कुछ लोगों को नियमित रूप से Cholesterol Test कराना बेहद जरूरी होता है।
कोलेस्ट्रॉल क्या है और क्यों खतरनाक है?
कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए जरूरी फैटी पदार्थ है, लेकिन जब इसका स्तर सामान्य से ज्यादा हो जाता है, तो यह दिल की धमनियों में ब्लॉकेज बना देता है। इससे खून का बहाव रुक सकता है और हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा पैदा हो जाता है।
ये 4 लोग जरूर कराएं कोलेस्ट्रॉल टेस्ट
1. जिनकी फैमिली हिस्ट्री में हार्ट डिजीज है
अगर परिवार में किसी को कम उम्र में हार्ट अटैक या दिल की बीमारी रही है, तो जेनेटिक कारणों से कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा ज्यादा होता है।
2. डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीज
डायबिटीज और हाई बीपी से ग्रस्त लोगों में कोलेस्ट्रॉल असंतुलन आम है। यह कॉम्बिनेशन दिल के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
3. मोटापा और अनहेल्दी लाइफस्टाइल वाले लोग
जंक फूड, तला-भुना खाना, शारीरिक गतिविधि की कमी और धूम्रपान—ये सभी कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने वाले प्रमुख कारण हैं।
4. 40 साल से अधिक उम्र के लोग
उम्र बढ़ने के साथ मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए 40 के बाद नियमित जांच जरूरी मानी जाती है।
कोलेस्ट्रॉल टेस्ट कब और कैसे कराएं?
- साल में कम से कम एक बार लिपिड प्रोफाइल टेस्ट
- टेस्ट से पहले 9–12 घंटे का फास्टिंग जरूरी
- डॉक्टर की सलाह से रिपोर्ट की सही व्याख्या
कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के आसान उपाय
- तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड कम करें
- फल, सब्जियां और फाइबर युक्त आहार लें
- रोज़ाना 30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज करें
- धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं
- तनाव कम करें और नींद पूरी लें
हाई कोलेस्ट्रॉल को नजरअंदाज करना दिल पर भारी पड़ सकता है। खासतौर पर ऊपर बताए गए 4 लोगों को समय-समय पर कोलेस्ट्रॉल टेस्ट कराना चाहिए। समय रहते जांच और लाइफस्टाइल में सुधार करके हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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