नाभि (नाभि) शरीर के केंद्र में एक अहम स्थान रखती है। प्राचीन समय में दादी-नानी और बुजुर्ग नाभि की स्थिति देखकर शरीर में होने वाली बीमारियों का अंदाजा लगा लेते थे। आज भी इन देसी नुस्खों को जानना फायदेमंद हो सकता है।
नाभि खिसकने के लक्षण
नाभि खिसकने या ढीली होने की स्थिति को नाभि विस्थापन कहते हैं। इसके लक्षण आमतौर पर ये होते हैं:
- पेट का बार-बार फूलना या भारीपन महसूस होना
- कब्ज या दस्त जैसी पाचन समस्याएं
- पेट में दर्द या ऐंठन
- थकान और कमजोरी
- भूख कम लगना
दादी-नानी के 2 पुराने तरीके
1. नाभि का हाथों से परीक्षण (सेंट्रल टच टेस्ट)
दादी-नानी नाभि के आसपास हल्का दबाव डालकर यह जांचती थीं कि नाभि सही स्थान पर है या खिसकी हुई है।
कैसे करते थे:
- हाथ साफ करके नाभि को हल्के दबाव से महसूस करें
- अगर नाभि अंदर धंसी हुई या असामान्य जगह पर लगी दिखे, तो इसे खिसकना माना जाता था
- इसके बाद पेट की मालिश और गर्म सेंक करने की सलाह दी जाती थी
लाभ:
- पेट की मांसपेशियों और आंतों की स्थिति का पता चलता है
- पाचन और कब्ज जैसी समस्याओं की जानकारी मिलती है
2. नाभि के चारों ओर तेल मालिश और观察 (Oil Massage Test)
दूसरा तरीका था तेल मालिश के दौरान नाभि की लोच और स्थिति देखना।
कैसे करते थे:
- हल्का तिल या नारियल तेल नाभि और पेट के चारों ओर लगाते थे
- पेट की हल्की मालिश करते समय देखा जाता था कि नाभि सही जगह पर टिक रही है या खिसक रही है
- अगर नाभि असामान्य रूप से ऊपर या नीचे खिसक रही होती, तो इसे सही करने के घरेलू उपाय बताए जाते थे
लाभ:
- पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाना
- पाचन में सुधार
- नाभि की स्थिति पर नजर रखना
नाभि खिसकने पर पुराने देसी उपाय
- तेल मालिश: तिल या नारियल तेल से रोज हल्की मालिश
- गर्म सेंक: पेट पर हल्का गर्म सेंक देने से मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं
- संतुलित आहार: पाचन सुधारने के लिए हल्का और पौष्टिक भोजन
- हल्का व्यायाम: पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए योग और स्ट्रेचिंग
कब डॉक्टर से सलाह लें?
अगर नाभि खिसकने के लक्षण लंबे समय तक बने रहें या निम्न लक्षण हों:
- लगातार पेट दर्द
- कब्ज या दस्त लंबे समय तक
- सूजन या असामान्य लक्षण
- अचानक वजन कम होना
तो तुरंत डॉक्टर या गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट से मिलें।
दादी-नानी के ये 2 पुराने तरीके नाभि खिसकने की पहचान में मदद कर सकते हैं। हल्की मालिश और तेल लगाने जैसी देसी ट्रिक्स से पेट और नाभि की सेहत में सुधार संभव है।
लेकिन गंभीर या लगातार समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लेना अनिवार्य है।
Business Sandesh Indian Newspaper | Articles | Opinion Pieces | Research Studies | Findings & News | Sandesh News