लीड्स का हेडिंग्ले क्रिकेट ग्राउंड इंग्लैंड के सबसे ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित क्रिकेट स्टेडियमों में से एक है। इस मैदान पर भारत और इंग्लैंड के बीच कई रोमांचक और यादगार टेस्ट मुकाबले खेले गए हैं। हेडिंग्ले की पहचान उसकी स्विंग और सीम-फ्रेंडली पिच के लिए है, जो तेज गेंदबाजों को खासा फायदा देती है।
टीम इंडिया का इस मैदान पर प्रदर्शन मिला-जुला रहा है—कभी हार, कभी जीत और कुछ ड्रॉ मुकाबले। लेकिन साल 2002 की जीत आज भी भारतीय क्रिकेट फैंस को याद है, जब सौरव गांगुली की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड को पारी से हराया था।
अब एक बार फिर, 20 जून 2025 से भारत और इंग्लैंड आमने-सामने होंगे—हेडिंग्ले की पिच पर एक नई जंग शुरू होगी। उससे पहले आइए जानें इस मैदान से जुड़े कुछ रोचक आंकड़े और इसकी पिच का मिजाज।
भारत बनाम इंग्लैंड @ हेडिंग्ले – रिकॉर्ड की नजर से
हेडिंग्ले में भारत ने अब तक 7 टेस्ट मैच खेले हैं।
2 मैच जीते,
3 में हार,
जबकि 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं।
भारत ने 3 बार टॉस जीता, जिसमें 1 जीत, 1 हार और 1 ड्रॉ शामिल है।
इंग्लैंड ने 4 बार टॉस जीता और उनमें से 2 जीते, 1 हारा और 1 ड्रॉ खेला।
पहला भारत-इंग्लैंड टेस्ट हेडिंग्ले में 1952 में हुआ था, जिसे इंग्लैंड ने 7 विकेट से जीता।
आखिरी बार 2021 में दोनों टीमें इस मैदान पर भिड़ीं थीं और भारत को एक पारी व 76 रन से हार झेलनी पड़ी थी।
भारत की आखिरी जीत 2002 में दर्ज हुई थी—एक पारी और 46 रनों से।
पिच रिपोर्ट: तेज गेंदबाजों की जन्नत, लेकिन…
हेडिंग्ले की पिच पर तेज गेंदबाजों को शुरू में मदद मिलती है—खासतौर पर अगर बादल छाए हों या हवा में नमी हो। सुबह के सेशन में स्विंग और सीम मूवमेंट बल्लेबाजों को परेशानी में डाल सकती है।
हालांकि, इस बार हेड ऑफ ग्राउंड रिचर्ड रॉबिंसन ने कहा है कि पिच को थोड़ा बैटिंग फ्रेंडली बनाने की कोशिश की गई है। फिर भी उस पर हल्का हरा रंग अब भी बरकरार है—यानी शुरुआत में गेंदबाजों को मदद मिलेगी।
पहले दो दिन बल्लेबाजों के लिए अच्छे हो सकते हैं अगर वे शुरुआती सेशन निकाल लें।
तीसरे दिन बादल आने की संभावना है, जिससे गेंदबाजों को और मदद मिलेगी।
आखिरी दो दिनों में 25% बारिश की संभावना भी जताई गई है।
हेडिंग्ले का ओवरऑल रिकॉर्ड
78 टेस्ट मैचों में,
पहले गेंदबाजी करने वाली टीम ने 31 बार जीत दर्ज की है,
जबकि पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को 29 जीत मिली हैं।
पहली पारी का औसत स्कोर यहां 300-320 रन के बीच रहा है।
कौन होंगे मुकाबले के सितारे?
इंग्लैंड के लिए जो रूट और बेन स्टोक्स पर रन बनाने की जिम्मेदारी होगी, जबकि गेंदबाजी में मार्क वुड और युवा गेंदबाजों पर नजरें रहेंगी, क्योंकि जेम्स एंडरसन इस बार टीम में नहीं हैं।
टीम इंडिया के लिए बुमराह और सिराज की जोड़ी इस सीम फ्रेंडली पिच पर कमाल दिखा सकती है। बल्लेबाजी में यशस्वी जायसवाल और साई सुदर्शन के पास खुद को साबित करने का बेहतरीन मौका होगा। स्पिन में रविंद्र जडेजा और कुलदीप यादव आखिरी दो दिनों में असर डाल सकते हैं।
टीम इंडिया के लिए मौका या मुश्किल?
हेडिंग्ले का इतिहास भारत के लिए मिश्रित रहा है—जहां 1986 और 2002 जैसी शानदार जीतें भी हैं और 2021 जैसी करारी हार भी। लेकिन इस बार टीम के पास युवा जोश और नए हौसले के साथ खुद को साबित करने का मौका है।
अगर गेंदबाज शुरुआती घंटों में इंग्लैंड को दबाव में ला सकें और बल्लेबाज पिच की पहली चुनौती पार कर लें, तो भारत के पास एक बार फिर इतिहास रचने का सुनहरा मौका है।
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