उठने-बैठने में हो रही है परेशानी? कहीं किडनी तो नहीं दे रही चेतावनी

अगर आपको उठने-बैठने में दर्द या परेशानी हो रही है और यह समस्या लगातार बनी हुई है, तो इसे सिर्फ मांसपेशियों की थकान समझकर नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। कई बार यह दर्द शरीर की किडनी से जुड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है। किडनी खराब होने पर शरीर कुछ ऐसे संकेत देता है, जिन्हें समय रहते पहचान लेना बेहद जरूरी है।

किडनी खराब होने पर कहां होता है दर्द?

किडनी में दिक्कत होने पर अक्सर

  • पीठ के निचले हिस्से
  • कमर के दोनों ओर
  • पसलियों के नीचे
    दर्द महसूस होता है। यह दर्द धीरे-धीरे बढ़ सकता है और उठने-बैठने या करवट बदलने में ज्यादा परेशानी होने लगती है।

और कौन-से लक्षण मिलते हैं साथ में?

अगर यह दर्द किडनी की वजह से है, तो इसके साथ ये लक्षण भी दिख सकते हैं –

  • बार-बार या बहुत कम पेशाब आना
  • पेशाब के रंग या गंध में बदलाव
  • पैरों और चेहरे पर सूजन
  • थकान और कमजोरी
  • मतली या उल्टी
  • बुखार या जलन के साथ पेशाब

क्यों खराब होती है किडनी?

किडनी खराब होने की आम वजहें हैं –

  • ज्यादा नमक और तला-भुना खाना
  • कम पानी पीना
  • डायबिटीज और हाई बीपी
  • लंबे समय तक दर्द निवारक दवाओं का सेवन
  • बार-बार यूरिन इंफेक्शन

कब हो जाएं सतर्क?

अगर आपको

  • लगातार पीठ या कमर में दर्द रहे
  • सूजन बढ़ती जाए
  • पेशाब में जलन या झाग दिखे
  • कमजोरी जल्दी महसूस हो
    तो बिना देर किए डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

किडनी को स्वस्थ रखने के आसान उपाय

  • दिनभर पर्याप्त पानी पिएं
  • नमक और पैकेज्ड फूड कम खाएं
  • ब्लड शुगर और बीपी कंट्रोल में रखें
  • धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं
  • बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें

जरूरी सलाह

उठने-बैठने में परेशानी हमेशा हड्डियों या मांसपेशियों की वजह से नहीं होती। कई बार यह किडनी की बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। सही वजह जानने के लिए यूरिन टेस्ट और ब्लड टेस्ट कराना जरूरी है। समय रहते इलाज शुरू करने से किडनी को गंभीर नुकसान से बचाया जा सकता है।