चंडीगढ़ (एजेंसी/वार्ता) पंजाब में एक सप्ताह में दो हत्याओं के बाद ‘गन कल्चर‘ खत्म करने के लिए नये हथियार लाइसेंस जारी करने पर तीन महीने की पाबंदी हटा ली गई है पुलिस महानिरीक्षक (मुख्यालय) सुखचैन सिंह गिल ने आज स्पष्ट किया है कि राज्य में नए हथियार लाइसेंस जारी करने और आत्म-रक्षा के लिए इन्हें अपने पास रखने पर कोई पाबंदी नहीं है।
हथियारों के प्रदर्शन के खिलाफ शुरू की गई मुहिम के बारे में भ्रामक अफवाहों को दूर करते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी लाइसेंस रखने वाला व्यक्ति अपना हथियार अपने पास रख सकता है, लेकिन केवल दिखावे या किसी को डराने-धमकाने के लिए इसका प्रदर्शन नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी तरह नए हथियार लाइसेंस अच्छी तरह सत्यापित करने के उपरांत किसी व्यक्ति को खतरे सम्बन्धी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए मेरिट के आधार पर जारी किए जा रहे हैं
उल्लेखनीय है कि अमृतसर में शिवसेना नेता सुधीर सूरी और कोटकपूरा में डेरा अनुयायी व धार्मिक बेअदबी के आरोपी प्रदीप सिंह की हत्या की घटनाओं पर राजनीतिक बवाल मचने के बाद पंजाब सरकार ने नये हथियार लाइसेंस जारी करने पर तीन महीने की रोक लगाने, पहले से जारी लाइसेंस की जांच करने, हथियारों के सोशल मीडिया समेत सार्वजनिक प्रदर्शन पर रोक लगाने और घृणा बयानों के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा की थी।
सोशल मीडिया में हथियारों के प्रदर्शन की पुरानी तस्वीरों को लेकर भी मामले दर्ज होने और एक बच्चे के खिलाफ मामला दर्ज किये जाने पर हुए विवाद के बाद पुलिस के जारी नये आदेश के तहत लोगों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों से हथियारों के साथ अपनी तस्वीरें हटाने के लिए 72 घंटों का समय दिया गया था।
आईजीपी ने कहा कि घृणा अपराधों सम्बन्धी मामलों में सख़्त कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने सभी पुलिस आयुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को नफरत फैलाने वालों, सामाजिक और आपसी-भाईचारे के ताने-बाने को तोड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के लिए भी कहा।
एजेंसी/वार्ता
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