अच्छी सेहत के लिए संतुलित आहार और नियमित व्यायाम जितना जरूरी है, उतनी ही जरूरी है पर्याप्त और सही समय पर नींद लेना। आजकल व्यस्त जीवनशैली और देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप इस्तेमाल करने की आदत के कारण बहुत से लोग देर से सोते हैं, जिसका असर दिल की सेहत पर भी पड़ सकता है।
कुछ शोध बताते हैं कि रात में सही समय पर सोने की आदत दिल को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती है और हार्ट अटैक के खतरे को कम करने में भी सहायक हो सकती है।
किस समय सोना माना जाता है बेहतर?
विशेषज्ञों के अनुसार रात 10 बजे से 11 बजे के बीच सोने की कोशिश करना शरीर के लिए बेहतर माना जाता है। इस समय सोने से शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक संतुलित रहती है और हार्मोन सही तरीके से काम करते हैं।
अगर कोई व्यक्ति लगातार देर रात यानी 12 बजे या उससे बाद में सोता है, तो इससे शरीर की प्राकृतिक नींद चक्र (स्लीप साइकिल) प्रभावित हो सकती है।
दिल की सेहत पर नींद का असर
पर्याप्त और समय पर नींद लेने से शरीर को कई फायदे मिल सकते हैं:
- ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है
- तनाव का स्तर कम हो सकता है
- हार्मोन संतुलन बेहतर रहता है
- दिल और रक्त वाहिकाओं को आराम मिलता है
नींद की कमी या अनियमित नींद दिल से जुड़ी समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकती है।
कितनी नींद लेना जरूरी है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति को रोजाना लगभग 7 से 8 घंटे की नींद लेना जरूरी माना जाता है। पर्याप्त नींद लेने से शरीर और दिमाग दोनों को आराम मिलता है।
बेहतर नींद के लिए अपनाएं ये आदतें
- रोज एक ही समय पर सोने और उठने की कोशिश करें।
- सोने से पहले मोबाइल और स्क्रीन का इस्तेमाल कम करें।
- रात में भारी और तला-भुना खाना खाने से बचें।
- सोने से पहले हल्का रिलैक्सेशन या ध्यान कर सकते हैं।
नींद का हमारी सेहत पर गहरा प्रभाव पड़ता है। अगर आप रात में सही समय पर सोने और पर्याप्त नींद लेने की आदत अपनाते हैं, तो यह दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है। स्वस्थ जीवनशैली के साथ नियमित नींद का पैटर्न अपनाना हार्ट से जुड़ी बीमारियों के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है।
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