हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रविवार को कहा कि गीता का बड़ा उपयोग हमारे जीवन है इसीलिए हमने अपने राज्य के स्कूलों में उसे लागू किया। श्री खट्टर आज यहां जूना अखाड़े के आचा जीवीर्य महामंडलेश्वर पद पर 25 वर्ष पूर्ण होने पर स्वामी अवधेशानंद गिरी के हरिद्वार के हरिहर आश्रम में तीन दिवसीय दिव्य आध्यात्मिक महोत्सव के पहले दिन सभा को संबोधित कर रहे थे।
इस समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत, योग गुरु स्वामी रामदेव, निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, सांसद राजीव प्रताप रूडी, पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, सांसद साध्वी निरंजन ज्योति, पूर्व कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक एवं कई अन्य संतो ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की। इस मौके पर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद महाराज की नई पुस्तकों का भी विमोचन किया। हरियाणा में गीता को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर श्री खट्टर ने कहा, “गीता के जो सार हैं व गीता के जो उपदेश हैं वह समाज जीवन में यदि बचपन में ही बच्चों को प्रेरणा मिले तो उनके जीवन के अंदर एक आदर्श खड़ा होता हैं। साथ ही उनमें एक बदलाव आता है और समाज जीवन में अच्छा नागरिक बनने की प्रेरणा मिलती है जिसके कारण हमने गीता के श्लोको छठी से 12वीं तक पाठ्यक्रम में बच्चों को पढ़ाया जाना अनिवार्य कर दिया है।
यह एक बहुत बड़ा उपयोग है इसीलिए हमने उसको स्कूलों में लागू किया है।” आध्यात्मिक महोत्सव में पहुंचे श्री खट्टर ने कहा कि वह हरिहर आश्रम आया हूं तो निश्चित रूप से आज मेरे लिए अच्छा दिन है कि इतने सारे संतो का एक साथ दर्शन हो गया और संतों की वाणी से हमको बहुत लाभ होता है। संतो की वाणी सामाजिक जीवन में प्रेरणा का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद के आचार्य पीठ पर 25 वर्ष पूरे हुए हैं इसलिए उनको शुभकामना देने के लिए मैं यहां पर आया हूं।
– एजेंसी
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