भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) के करीब 200 पूर्व छात्रों ने 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस की निंदा करने वाले बैनर को लेकर दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं द्वारा संस्थान के कुछ छात्रों पर कथित हमले के बाद विद्यार्थियों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए एक खुला पत्र लिखा है।
पत्र पर एफटीआईआई के 207 पूर्व छात्रों ने हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें ऑस्कर विजेता रेसुल पुकुट्टी, फिल्म संपादक अनुपमा चंद्रा, फिल्म निर्माता प्रतीक वत्स और अभिनेता शार्दुल भारद्वाज शामिल हैं।
पत्र में कहा गया है, ”इस प्रसिद्ध फिल्म स्कूल के छात्रों पर बेखौफ हमला होते देखना दुखद है। फिल्म पेशेवरों, शिक्षकों और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकारों के एक समुदाय के रूप में हम इस कठिन समय में एफटीआईआई छात्र समुदाय को अपना समर्थन देते हैं।”
पुणे स्थित एफटीआईआई में यह घटना अयोध्या में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के एक दिन बाद मंगलवार को हुई।
पुलिस के अनुसार, 12 से 15 अज्ञात लोग कथित तौर पर परिसर में घुस आए और नारे लगाते हुए छात्रों पर हमला किया। उन्होंने एफटीआईआई छात्र संघ (एफएसए) द्वारा लगाए गए बैनर को फाड़ दिया, जिस पर बाबरी मस्जिद विध्वंस की निंदा की गई थी।
एफएसए ने दावा किया है कि जिन लोगों पर हमला किया गया उनमें उसके अध्यक्ष मनकप नोकवोहम भी शामिल थे।
पूर्व छात्रों के समूह ने कहा कि वे फिल्म संस्थान में हिंसा की ”कड़ी निंदा करते हैं।”
– एजेंसी
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