हेमा मालिनी—एक ऐसा नाम जो आज किसी पहचान का मोहताज नहीं। हिंदी सिनेमा में दशकों तक राज करने वाली इस अभिनेत्री को एक समय पर यह कहकर रिजेक्ट कर दिया गया था कि वो ‘बहुत दुबली-पतली’ हैं और कभी एक्ट्रेस नहीं बन सकतीं। लेकिन किसे पता था कि वही लड़की एक दिन बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल कहलाएगी?
जब डायरेक्टर ने कहा – “तुम एक्ट्रेस नहीं बन सकतीं”
हेमा मालिनी का जन्म 16 अक्टूबर 1948 को तमिलनाडु के तिरुच्चिरापल्ली में हुआ था। महज़ 14 साल की उम्र में उन्होंने तमिल फिल्म ‘इंधु साथियम’ में एक छोटी भूमिका से फिल्मों में कदम रखा।
लेकिन उसी उम्र में एक कड़वा अनुभव भी उन्हें मिला। मशहूर तमिल डायरेक्टर सीवी श्रीधर ने उन्हें अपनी फिल्म में कास्ट तो किया, लेकिन बाद में यह कहते हुए बाहर कर दिया कि:
“तुम बहुत पतली हो, तुमसे एक्ट्रेस नहीं बनेगी।”
इस रिजेक्शन के बाद हेमा को गहरा झटका लगा, और वे डिप्रेशन में चली गईं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
राज कपूर की नज़र ने पहचाना सितारा
फिर आया साल 1968 और फिल्म ‘सपनों का सौदागर’, जहां हेमा ने पहली बार हिंदी सिनेमा में एंट्री की — वो भी राज कपूर जैसे दिग्गज के साथ। राज कपूर ने पहली मुलाकात में ही कह दिया था:
“ये लड़की एक दिन बहुत आगे जाएगी।”
साउथ से लेकर बॉलीवुड तक का चमकता सफर
हिंदी फिल्मों से पहले हेमा ने साउथ इंडस्ट्री में छोटे-मोटे रोल किए। लेकिन जब उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा, तो पीछे मुड़कर नहीं देखा।
उन्होंने शम्मी कपूर, शशि कपूर, ऋषि कपूर और रणधीर कपूर जैसे स्टार्स के साथ काम किया और एक के बाद एक हिट फिल्में दीं।
‘ड्रीम गर्ल’ बनना यूं ही नहीं था
हेमा मालिनी ने सिर्फ खूबसूरती नहीं, अपनी कलात्मकता, नृत्य कौशल और मेहनत से इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनकी गिनती उन चुनिंदा कलाकारों में होती है जिन्होंने कई पीढ़ियों के साथ काम किया और हर दौर में दर्शकों का दिल जीता।
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