बार-बार दस्त आना सिर्फ संक्रमण नहीं, हो सकता है गंभीर बीमारी का संकेत

गर्मी या बारिश का मौसम हो, बार-बार दस्त लगना (Recurrent Diarrhea) एक आम समस्या है। अक्सर लोग इसे फूड पॉइजनिंग या मामूली संक्रमण समझकर घरेलू उपायों से इलाज करने लगते हैं। लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है या लंबे समय तक बनी हुई है, तो इसे नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है। चिकित्सकों के अनुसार, लगातार दस्त आना न केवल शरीर को कमजोर करता है बल्कि यह किसी गंभीर बीमारी का भी लक्षण हो सकता है।

दस्त क्या होते हैं?

दस्त यानी Diarrhea वह स्थिति है जब व्यक्ति को दिन में तीन या उससे अधिक बार पतला मल होता है। यह एक बार की घटना हो तो आम बात है, लेकिन जब यह बार-बार होने लगे या हफ्तों तक बना रहे, तो इसे क्रॉनिक डायरिया माना जाता है।

बार-बार दस्त आने के संभावित कारण
1. गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल इंफेक्शन:

बैक्टीरिया, वायरस या परजीवी के संक्रमण से पाचन तंत्र प्रभावित हो सकता है, जिससे दस्त होते हैं। हालांकि ये आमतौर पर 2–3 दिनों में ठीक हो जाते हैं।

2. इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS):

यह एक क्रॉनिक स्थिति है जिसमें आंतों की गति असामान्य हो जाती है। इसमें दस्त, पेट दर्द, गैस और ऐंठन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

3. इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज (IBD):

इसमें क्रोहन डिजीज और अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसी बीमारियां शामिल हैं, जो आंतों में सूजन पैदा करती हैं और लंबे समय तक दस्त का कारण बनती हैं।

4. लैक्टोज इन्टॉलरेंस:

अगर किसी व्यक्ति का शरीर दूध या डेयरी उत्पादों को ठीक से नहीं पचा पाता है, तो हर बार इनके सेवन पर दस्त हो सकते हैं।

5. थायरॉइड से जुड़ी समस्याएं:

हाइपरथायरॉइडिज्म यानी थायरॉइड ग्रंथि की अधिक सक्रियता भी बार-बार दस्त आने की वजह बन सकती है।

6. कैंसर या ट्यूमर:

विशेषकर कोलन कैंसर की शुरुआती अवस्था में भी बार-बार लूज़ मोशन जैसे लक्षण दिख सकते हैं।

डॉक्टर क्या कहते हैं?

डॉ. के अनुसार, “अगर दस्त लगातार एक हफ्ते से ज्यादा चल रहे हैं, या बार-बार लौट रहे हैं, तो यह सिर्फ संक्रमण नहीं हो सकता। यह शरीर में चल रही किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। खासतौर पर अगर मल में खून, अचानक वजन घटने या कमजोरी जैसे लक्षण हों तो तुरंत जांच करानी चाहिए।”

कब हो सतर्क? ये लक्षण नज़रअंदाज न करें

मल में खून या काले रंग का मल

5-7 दिनों से अधिक दस्त की स्थिति

बुखार, कमजोरी या चक्कर आना

वजन में अचानक गिरावट

डिहाइड्रेशन के लक्षण (मुंह सूखना, पेशाब कम होना)

बचाव और देखभाल के उपाय

दूषित भोजन और पानी से परहेज करें

सड़क के खाने से बचें, खासकर बरसात में

हाथ धोने की आदत डालें – हर खाने से पहले और शौच के बाद

प्रोबायोटिक युक्त आहार जैसे दही लें

हाइड्रेशन बनाए रखें – ORS, नारियल पानी, नींबू पानी आदि लें

बार-बार दस्त होने पर डॉक्टर से जांच जरूर कराएं

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