चार व्यक्तियो को अदालत में पेश किया गया। इल्जाम था कि वे पार्क में
बैठे जुआ खेल रहे थे। मजिस्ट्रेट ने बारी-बारी से उनसे पूछा। पहले ने
कहा, मैं उस दिन यहां था ही नहीं। सबूत के तौर पर अपने ट्रैवल एजेट से
रेल टिकट की रसीद दे सकता हूं।
दूसरा बोला – ‘उस दिन मैं घर पर बुखार में पड़ा था। डॉक्टर का
सर्टीफिकेट पेश कर सकता हूं।‘
तीसरे का जवाब था, ‘मैंने आज तक कभी जुआ नहीं खेला, ताश को हाथ
तक नहीं लगाया।‘
चौथा चुपचाप खड़ा रहा।
उससे पूछा, और तुम भी जुआ नहीं खेल रहे थे?
वह बोला, जी मैं अकेला जुआ कैसे खेल सकता हूं।😜😂😂😂😛🤣
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सड़क पर दो मजदूर काम कर रहे थे। एक गड्ढा खोदता दूसरा पीछे से
भर देता। एक आदमी बहुत देर से देख रहा था, उससे रहा नहीं गया।
उसने कहा- ‘ये आप लोग क्या कर रहे है?‘
गड्ढा खोदने वाला- ‘हम लोग सरकारी कर्मचारी है। अपना काम कर रहे
है।‘
मुसाफिर, ‘लेकिन यह कैसा काम है एक गड्ढा करता है दूसरा भर देता
है।‘
गड्ढा खोदने वाला- ‘दरअसल हमारी तीन लोगो की ड्यूटी है। मैं गड्ढा
खोदता हूं दूसरा पेड़ लगाता है तीसरा उसे बंद करता है। आज दूसरा यानी
पौधे रखने वाला व्यक्ति छुट्टी पर है।‘😜😂😂😂😛🤣
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