फिल्म ‘हाउसफुल 5’: दिल और दौलत की मस्ती भरी जंग, कॉमेडी के साथ थ्रिलर का तड़का

“यार दिलदार, तुझे कैसा चाहिए—प्यार चाहिए या पैसा चाहिए?” यह पुराने जमाने का गीत आज भी दिल छू जाता है। हमारे सिनेमा में ये जज्बात हर बार नए अंदाज़ में पेश किए जाते हैं और दर्शक इन कहानियों पर बार-बार फिदा हो जाते हैं। असल जिंदगी में पैसा बहुत मायने रखता है, लेकिन फिल्मों में वह किरदार जो बड़ा दिल दिखाता है, हमेशा दिल जीत जाता है।

मैं यहां ‘हाउसफुल 5’ की कहानी का क्लाइमैक्स नहीं बताऊंगा। पूरी कहानी जानने के लिए थिएटर का रुख जरूर करें। मैं जो भी लिखूंगा वह दिल से होगा क्योंकि दिल के बाजार में दौलत नहीं चलती।

हाउसफुल 5: एक साथ 5000 थिएटरों में धमाल
‘हाउसफुल 5’ हंसाने-गुदगुदाने के लिए देशभर में 5000 से ज्यादा थिएटरों में रिलीज हो चुकी है। चाहे आप किसी भी शहर में हों, फिल्ममेकर्स ने आपकी सुविधा का पूरा ध्यान रखा है। अक्षय कुमार, अभिषेक बच्चन, रितेश देशमुख, नाना पाटेकर, जैकलिन फर्नांडीस समेत कुल 19 कलाकारों की जबरदस्त एंट्री है। फिल्म का क्लाइमैक्स भी दो फ्लेवर यानी दो विकल्पों में है—5A और 5B। जैसे बाजार में आइसक्रीम के कई फ्लेवर होते हैं, वैसे ही यहां भी दर्शक अपनी पसंद के अनुसार क्लाइमैक्स चुन सकते हैं।

कॉमिक ऊटपटांग, बिना लॉजिक की मस्ती
मस्ती के बिना सिनेमा अधूरा है। ‘हाउसफुल 5’ में भी हरकतें और हंसी के ठहाके हैं, जो किसी भी मसाला फिल्म का हिस्सा होते हैं। ये ऊटपटांग कॉमिक यानी स्लैपस्टिक हास्य दर्शकों को खूब रुलाता है। कहानी थोड़ी-थोड़ी खिसकती है, लेकिन मनोरंजन का स्तर बनाए रखती है।

तीन जॉली और अकूत दौलत की होड़
‘हाउसफुल 5’ की सबसे बड़ी खासियत है तीन जॉली—तीन किरदार जो खुद को मृत अरबपति रणजीत का वारिस बताते हैं और उसकी दौलत के लिए लड़ रहे हैं। ये हैं जलाबुद्दीन (रितेश देशमुख), जूलियस (अक्षय कुमार), और जलभूषण (अभिषेक बच्चन)। उनकी पत्नियां हैं—ज़ारा (सोनम बाजवा), कांची (नरगिस फाखरी), और शशिकला (जैकलीन फर्नांडीस)। कहानी में जैकी श्रॉफ, संजय दत्त और नाना पाटेकर की एंट्री इसे और रोचक बना देती है।

कॉमेडी के साथ थ्रिलर का तड़का
यह फिल्म सिर्फ कॉमेडी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मर्डर की गुत्थी भी है। तीनों जॉलियों के बीच दौलत की लड़ाई के साथ हत्या की भी कहानी चलती है। असली जॉली कौन? मर्डर किसने किया? और दिल या दौलत, किसकी जीत होती है? यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

स्टार कास्ट और उनके शानदार प्रदर्शन
निर्देशक तरुण मनसुखानी ने इतने सारे किरदारों को लगभग तीन घंटे की फिल्म में बखूबी समेटा है। अक्षय कुमार, रितेश देशमुख, अभिषेक बच्चन के अलावा जैकी श्रॉफ, संजय दत्त और जॉनी लीवर को भी पर्याप्त स्क्रीन स्पेस मिला है। फिल्म की शुरुआत थोड़ी कमजोर लग सकती है, लेकिन नाना पाटेकर की एंट्री कहानी में जान डाल देती है। खास बात है बॉबी देओल की छोटी लेकिन दिल जीत लेने वाली भूमिका, जो फिल्म के अगले पार्ट की भी उम्मीद जगाती है।

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