एक सेहतमंद शरीर के लिए जितना जरूरी प्रोटीन और कैल्शियम है, उतना ही अहम है विटामिन-सी। यह शरीर के कई अहम कार्यों में मदद करता है — इम्युनिटी बढ़ाना, स्किन की मरम्मत, आयरन के अवशोषण में सहायता, और घाव भरने की प्रक्रिया को तेज करना।
लेकिन आधुनिक जीवनशैली और असंतुलित खानपान के चलते बड़ी संख्या में लोग विटामिन-सी की कमी का शिकार हो रहे हैं, जिसके कारण थकान, कमजोर इम्युनिटी और त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं।
विटामिन-सी क्या है और क्यों जरूरी है?
विटामिन-सी, जिसे एस्कॉर्बिक एसिड (Ascorbic Acid) भी कहा जाता है, एक वॉटर-सॉल्यूबल विटामिन है, यानी शरीर इसे स्टोर नहीं कर सकता। इसलिए इसे रोज़ाना आहार से लेना अनिवार्य होता है।
वरिष्ठ न्यूट्रिशन एक्सपर्ट के अनुसार:
“विटामिन-सी एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाता है। साथ ही, यह कोलेजन उत्पादन में अहम भूमिका निभाता है, जो त्वचा, हड्डियों और रक्त वाहिकाओं के लिए जरूरी है।”
विटामिन-सी की कमी के लक्षण
विटामिन-सी की कमी को मेडिकल भाषा में स्कर्वी (Scurvy) कहा जाता है। इसके प्रमुख लक्षण निम्न हैं:
थकान और कमजोरी
मसूड़ों से खून आना या सूजन होना
त्वचा पर जल्दी-जल्दी चोट या निशान पड़ना
घावों का धीरे भरना
इम्युनिटी कमजोर होना, बार-बार सर्दी-जुकाम होना
बालों का झड़ना और त्वचा का रुखापन
मूड स्विंग्स या चिड़चिड़ापन
अगर ये लक्षण लंबे समय तक नजर आएं, तो डॉक्टर से परामर्श लेकर ब्लड टेस्ट कराना चाहिए।
किन रोगों से बचाव करता है विटामिन-सी?
सर्दी-जुकाम से सुरक्षा
विटामिन-सी के नियमित सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बढ़ती है, जिससे मौसमी बीमारियों से रक्षा होती है।
त्वचा रोगों से बचाव
कोलेजन के निर्माण में सहायक होने के कारण विटामिन-सी स्किन को जवां, मुलायम और चमकदार बनाए रखता है।
दिल की बीमारियों में सहायक
यह रक्त वाहिकाओं को मजबूत बनाता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर और कार्डियोवैस्कुलर डिजीज का खतरा कम होता है।
आयरन की कमी से लड़ता है
आयरन के बेहतर अवशोषण में मदद करता है, जिससे एनीमिया जैसी स्थितियों में लाभ मिलता है।
कैंसर और फ्री रेडिकल्स से बचाव
इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर को सेलुलर डैमेज से बचाते हैं, जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की आशंका कम होती है।
किन चीजों से मिलता है विटामिन-सी?
विटामिन-सी के प्राकृतिक स्रोत बहुतायत में उपलब्ध हैं। जैसे:
आंवला – विटामिन-सी का सबसे शक्तिशाली स्रोत
नींबू – रोज सुबह नींबू पानी फायदेमंद
संतरा, मौसमी, कीवी, स्ट्रॉबेरी
टमाटर, शिमला मिर्च, पालक और ब्रोकोली
पाइनएप्पल और पपीता
आयुर्वेद विशेषज्ञ का कहना है:
“प्राकृतिक स्रोतों से विटामिन-सी लेने पर यह जल्दी अवशोषित होता है और साइड इफेक्ट्स का खतरा नहीं रहता।”
कितना जरूरी है डेली डोज़?
वयस्कों के लिए रोज़ाना 65 से 90 मिलीग्राम विटामिन-सी की जरूरत होती है।
विशेष हालात जैसे धूम्रपान, सर्जरी के बाद, गर्भावस्था या बीमारी में इसकी जरूरत बढ़ सकती है।
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