आज के डिजिटल दौर में बच्चे पढ़ाई, गेम और एंटरटेनमेंट के लिए घंटों मोबाइल और टैबलेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि टेक्नोलॉजी फायदेमंद है, लेकिन जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम बच्चों की सेहत, खासकर दिल (हार्ट) के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कम उम्र में ही हार्ट से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ रहा है और इसकी एक बड़ी वजह बढ़ता स्क्रीन टाइम है।
ज्यादा फोन देखने से दिल पर कैसे पड़ता है असर?
लंबे समय तक मोबाइल देखने से बच्चे शारीरिक गतिविधि कम कर देते हैं। खेलने-कूदने और दौड़ने की जगह वे बैठकर स्क्रीन देखते रहते हैं, जिससे मोटापा बढ़ने लगता है। मोटापा हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी समस्याओं को जन्म देता है, जो आगे चलकर दिल की बीमारियों का कारण बन सकती हैं।
इसके अलावा, देर रात तक मोबाइल देखने से नींद पूरी नहीं होती। नींद की कमी हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर को प्रभावित करती है, जिससे दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
कम उम्र में बढ़ सकती हैं ये बीमारियां
ज्यादा स्क्रीन टाइम वाले बच्चों में आगे चलकर ये समस्याएं देखने को मिल सकती हैं:
- मोटापा
- हाई ब्लड प्रेशर
- टाइप-2 डायबिटीज
- कोलेस्ट्रॉल बढ़ना
- हार्ट डिजीज का खतरा
ये बीमारियां पहले बुजुर्गों में ज्यादा देखी जाती थीं, लेकिन अब कम उम्र के बच्चों और युवाओं में भी इनके मामले बढ़ रहे हैं।
बच्चों में दिखने वाले चेतावनी संकेत
अगर बच्चा लगातार फोन देखता है और उसमें ये लक्षण नजर आने लगें तो सतर्क हो जाना चाहिए:
- जल्दी थक जाना
- वजन तेजी से बढ़ना
- सांस फूलना
- चिड़चिड़ापन और नींद की कमी
- बाहर खेलने में रुचि कम होना
पैरेंट्स क्या करें?
बच्चों की हार्ट हेल्थ को सुरक्षित रखने के लिए माता-पिता ये उपाय अपनाएं:
- बच्चों का स्क्रीन टाइम सीमित करें।
- रोज कम से कम 1 घंटा आउटडोर खेल के लिए प्रेरित करें।
- जंक फूड और मीठे ड्रिंक्स से दूरी बनाएं।
- घर का पौष्टिक खाना दें।
- सोने से पहले मोबाइल इस्तेमाल न करने की आदत डालें।
- फैमिली के साथ वॉक या खेल को रूटीन बनाएं।
जरूरी सावधानी
अगर बच्चे को बार-बार सांस फूलती है, सीने में दर्द होता है या वजन तेजी से बढ़ रहा है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। मोबाइल पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं है, लेकिन उसका सही और सीमित इस्तेमाल बहुत जरूरी है।
मोबाइल और स्क्रीन बच्चों की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा फोन देखना उनकी हार्ट हेल्थ के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। समय रहते स्क्रीन टाइम को कंट्रोल करना और बच्चों को एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाने की आदत डालना बेहद जरूरी है, ताकि वे भविष्य में दिल की बीमारियों से बचे रहें।
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